रोहतास के परमानपुर में श्री त्रिदंडी स्वामी मंदिर में प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण

Rohtas News: रोहतास के दावथ प्रखंड स्थित परमानपुर में श्री त्रिदंडी स्वामी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई. महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया.

By Vivek Pandey | June 28, 2026 7:08 PM

रोहतास से मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट
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रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के परमानपुर स्थित यज्ञ स्थल के समीप नव-निर्मित श्री त्रिदंडी स्वामी मंदिर में रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई. यह आयोजन भारत के महान मनीषी संत श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के मंगलानुशासन में आयोजित महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर संपन्न हुआ.

महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारे का आयोजन

प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ भंडारा देर रात 10 बजे तक लगातार चलता रहा. इसमें रोहतास सहित आसपास के विभिन्न जिलों से पहुंचे महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया.

रोहतास के परमानपुर में श्री त्रिदंडी स्वामी मंदिर में प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया प्रसाद ग्रहण 3

श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी ने दिए आध्यात्मिक संदेश

इस अवसर पर श्री लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज के दर्शन एवं प्रवचन सुनने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. अपने प्रवचन में उन्होंने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए मानव जीवन में सदाचार, नैतिक मूल्यों, धार्मिक आचरण और ईश्वर भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि मनुष्य का वास्तविक धर्म सदाचार, मर्यादित जीवन, श्रेष्ठ आचरण और ईश्वर भक्ति में निहित है. धर्म और अधर्म की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि जिसका आचरण धर्म के अनुरूप होता है, वही सच्चे अर्थों में धार्मिक कहलाता है.

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धर्ममय जीवन और मानव सेवा का दिया संदेश

जीयर स्वामी ने श्रद्धालुओं से धर्ममय जीवन अपनाने, समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने तथा मानवता की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाने का आह्वान किया.

क्षेत्र में बना भक्तिमय वातावरण

महायज्ञ, मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा और विशाल भंडारे के सफल आयोजन से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा. श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता, अनुशासित व्यवस्था और धार्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन बताया.

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