रोहतास में पंचायत विकास दिवस पर गांव-गांव उतरीं जीविका दीदियां, नशा मुक्ति के लिए दिलाई शपथ

Nasha Mukti Abhiyan: रोहतास जिले के 19 प्रखंडों की पंचायतों में पंचायत विकास दिवस पर जीविका दीदियों ने नशा मुक्ति अभियान चलाया. प्रभात फेरी, विकास शिविर और ग्राम संगठन बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर नशा मुक्त बिहार का संकल्प दिलाया.

By Vivek Pandey | June 28, 2026 7:05 PM

रोहतास से मो.आरिफ खान की रिपोर्ट
Nasha Mukti Abhiyan: रोहतास जिले के पंचायत विकास दिवस के अवसर पर जिले के 19 प्रखंडों की सभी पंचायतों में जीविका दीदियों ने नशा मुक्ति को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया. रविवार सुबह गांव की गलियों में ‘नशे की मार सबसे बड़ी मार, बर्बाद करे घर-परिवार’ और ‘जन-जन का यही संदेश, नशा मुक्त हो अपना प्रदेश’ जैसे नारों की गूंज सुनाई दी.

हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जीविका दीदियां टोली बनाकर गांव-गांव निकलीं. प्रभात फेरी के दौरान ग्रामीण भी इस अभियान से जुड़ते गए. जीविका दीदियों ने लोगों से शराब और अन्य प्रकार के नशे से दूर रहने तथा परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की.

पंचायत विकास शिविर में योजनाओं की दी जानकारी

प्रभात फेरी के बाद पंचायतों में पंचायत विकास शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे. जीविका के सामुदायिक समन्वयकों ने लोगों का स्वागत करते हुए पंचायत की विकास योजनाओं की जानकारी दी और ग्रामीणों को विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया.

शिविर में आत्मनिर्भर और सशक्त पंचायत के निर्माण में जनसहभागिता की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

ग्राम संगठनों की बैठकों में लिया नशा मुक्ति का संकल्प

शिविर के बाद जीविका से जुड़े 43 संकुल स्तरीय संघों और 1,754 ग्राम संगठनों में अलग-अलग बैठकें आयोजित हुईं. बैठकों में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए नशे के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक दुष्प्रभावों पर खुलकर चर्चा की.

बैठक के अंत में जीविका दीदियों ने सामूहिक रूप से हाथ उठाकर स्वयं नशा नहीं करने, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा नशा मुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया.

पूरे दिन चला जागरूकता अभियान

पंचायत विकास दिवस के अवसर पर पूरे जिले में दिनभर जागरूकता, जनभागीदारी और विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती रहीं. जीविका दीदियों के इस अभियान को ग्रामीणों ने सराहा और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया.

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