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Home बिहार पूर्णिया जीएमसीएच में चमत्कार, 6 साल के बच्चे की आंत में फंसा स्प्रिंग बिना चीरा लगाए निकाला

जीएमसीएच में चमत्कार, 6 साल के बच्चे की आंत में फंसा स्प्रिंग बिना चीरा लगाए निकाला

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जीएमसीएच में चमत्कार, 6 साल के बच्चे की आंत में फंसा स्प्रिंग बिना चीरा लगाए निकाला
जीएमसीएच ने बच्चे की आंत में फंसा स्प्रिंग बिना चीरा लगाए निकाला

पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट

Purnia News: राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) पूर्णिया के चिकित्सकों ने एक बार फिर अपनी दक्षता का परिचय देते हुए छह वर्षीय बच्चे की जान बचाई है. खेल-खेल में कपड़े वाले चिमटे का स्प्रिंग निगलने वाले मासूम का सफल ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बिना आंत में छेद किए स्प्रिंग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. जटिल मानी जा रही इस सर्जरी की सफलता के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है.

खेलते-खेलते निगल गया चिमटे का स्प्रिंग

जानकारी के अनुसार, अररिया व्यवहार न्यायालय में पदस्थापित रामजी चौधरी के छह वर्षीय पुत्र अर्णव आर्य ने खेलते-खेलते कपड़े वाले चिमटे का स्प्रिंग निगल लिया था. जांच में पता चला कि स्प्रिंग बच्चे की छोटी और बड़ी आंत के बीच स्थित इलियोसीकल जंक्शन (Ileocecal Junction) में फंस गया है. यह स्थिति बेहद गंभीर मानी जाती है.

कई अस्पतालों के बाद जीएमसीएच में मिली उम्मीद

परिजनों ने बच्चे को कई चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर देर रात उसे जीएमसीएच पूर्णिया में भर्ती कराया गया. यहां चिकित्सकों ने तत्काल जांच कर मामले की गंभीरता को समझा और विशेष व्यवस्था के तहत रविवार के अवकाश के दिन भी ऑपरेशन थिएटर खोला गया.

बिना आंत में छेद किए डॉक्टरों ने किया कमाल

सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. तारकेश्वर कुमार और डॉ. विकास कुमार के नेतृत्व में टीम ने लैप्रोटोमी और कोलोनोस्कोपी तकनीक की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक ऑपरेशन किया. सबसे बड़ी बात यह रही कि ऑपरेशन के दौरान बच्चे की आंत में किसी प्रकार का छेद नहीं करना पड़ा और स्प्रिंग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

ऑपरेशन के दौरान सी-आर्म मशीन का भी उपयोग किया गया, जिसकी सहायता से पेट के अंदर मौजूद धातु की सटीक पहचान संभव हो सकी.

Purnia News: अब खतरे से बाहर है बच्चा

सफल सर्जरी के बाद बच्चा पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है. चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.

जीएमसीएच पूर्णिया के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह एक जटिल सर्जरी थी, जिसे डॉक्टरों की तत्परता, अनुभव और बेहतर टीमवर्क की बदौलत सफल बनाया जा सका. उन्होंने कहा कि अस्पताल मरीजों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है.

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महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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