मुख्य बातें:
Gulabbagh Mandi: सीमांचल सहित पूरे बिहार के अनाज व्यापार के सबसे बड़े केंद्र पूर्णिया की गुलाबबाग मंडी से किसानों और आढ़तियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है. गुरुवार को मंडी में मक्का की कीमतों ने एक बार फिर बड़ी छलांग लगाते हुए ₹2,300 प्रति क्विंटल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है. कीमत में आई इस अचानक तेजी के बाद आढ़त में मक्का की आवक (आगमन) काफी तेज हो गई है. कारोबारियों का मानना है कि बिकवाली में आई इस अभूतपूर्व मजबूती के कारण आने वाले दिनों में मक्का के दामों में और भी बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है, जिससे लंबे समय बाद मंडी परिसर में पुरानी चहल-पहल लौट आई है.
बाहरी प्रांतों से बढ़ी मांग, क्वालिटी के आधार पर लग रही बोली
- देशभर से आ रहे ऑर्डर: गुलाबबाग मंडी के थोक व्यापारियों ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों और औद्योगिक इकाइयों (स्टार्च व पोल्ट्री फीड निर्माताओं) से मक्का की मांग अब लगातार बढ़ रही है, जिसके चलते बाजार पूरी तरह गर्म हो चुका है.
- क्वालिटी के अनुसार दाम: गुरुवार को मंडी में मक्का की विभिन्न श्रेणियों की खरीद बेहद ऊंचे दामों पर हुई. बेहतरीन क्वालिटी का मक्का जहां ₹2,310 प्रति क्विंटल तक बिका, वहीं मध्यम और सामान्य क्वालिटी के मक्का के भाव क्रमशः ₹2,250 और ₹2,200 प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए.
गुलाबबाग मंडी की विस्तृत भाव सूची (Mandi Rate List)
अनाज एवं चावल के भाव
- मक्का: ₹2,200 से ₹2,310 प्रति क्विंटल
- गेहूं: ₹2,470 से ₹2,500 प्रति क्विंटल
- चावल मंसूरी: ₹3,250 से ₹3,425 प्रति क्विंटल
- चावल अरवा मोटा: ₹3,050 से ₹3,250 प्रति क्विंटल
- बासमती चावल (प्रीमियम): ₹12,500 से ₹13,000 प्रति क्विंटल
विभिन्न दालों एवं गोटा के भाव
- अरहर दाल: ₹10,600 से ₹14,500 प्रति क्विंटल
- मूंग दाल: ₹9,540 से ₹9,600 प्रति क्विंटल
- गोटा मूंग: ₹8,000 से ₹9,000 प्रति क्विंटल
- चना दाल: ₹5,550 से ₹6,600 प्रति क्विंटल
- गोटा चना: ₹6,200 से ₹6,400 प्रति क्विंटल
- मसूर दाल: ₹5,550 से ₹6,750 प्रति क्विंटल
तिलहन (सरसों) के भाव
- सरसों पीला: ₹7,300 से ₹7,800 प्रति क्विंटल
- सरसों काला: ₹7,000 से ₹7,500 प्रति क्विंटल
Gulabbagh Mandi: आने वाले दिनों में बाजार और गर्म होने के आसार
मंडी समिति के जानकारों और वरिष्ठ आढ़तियों का कहना है कि वर्तमान में आपूर्ति के मुकाबले मांग का ग्राफ काफी ऊंचा है. मानसून के इस सीजन में यदि बाहरी प्रांतों के बड़े व्यापारियों का उठाव इसी तरह जारी रहा, तो मक्का उत्पादक किसानों को इस बार अपनी उपज का रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा मिलने की पूरी उम्मीद है. मंडी प्रबंधन ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके ही मंडी लाएं ताकि उन्हें अधिकतम आंका गया भाव आसानी से मिल सके.
