केंद्र प्रायोजित योजना की राशि की होगी रियल टाइम मॉनीटरिंग
केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) की राशि का डायवर्जन और पार्किंग रोकने के लिए केंद्र सरकार नये-नये प्रयोग कर रही है.नयी तकनीक के उपयोग किये जा रहे हैं, जिससे योजनाओं की राशि की रियल टाइम मॉनीटरिंग की जायेगी
केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि राज्यों को देने के लिए केंद्र सरकार करेगी ‘स्पर्श’ तकनीक का उपयोग
कैलाशपति मिश्र,पटना
क्या है ‘स्पर्श’ सिस्टम
‘स्पर्श’सिस्टम के तहत राज्य सरकार के विभागों को पहले केंद्र की योजनाओं में केंद्रीय अंशदान के लिए डिमांड भेजना होगा. डिमांड भेजने के बाद केंद्र सरकार केंद्र प्रायोजित योजना में अपने हिस्से का पैसा आरबीआइ के माध्यम से देगी. इस सिस्टम से हर केंद्र प्रायोजित योजना के लिए अलग खाता खोला जायेगा. इसमें केंद्र और राज्य दोनों को अपना-अपना हिस्सा देना होगा.इस सिस्टम में केंद्र और राज्य दोनों के अधिकारियों को हर वक्त यह देखना होगा कि किस स्कीम में किसने कितना पैसा डाला गया है. उसे सही तरीके से खर्च किया जा रहा है या नहीं किया जा रहा है.रियल टाइम मॉनीटरिंग से योजनाओं के पैसे को किसी और काम में लगाना या खाते में ही छोड़ देना सामने आ जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
