कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन ब्रिज तैयार, पटना से उत्तर बिहार जाना होगा आसान, इस महीने खुलेगा 19 किमी लंबा पुल

Kachchi Dargah Bidupur Six Lane Bridge: पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर बन रहा 6 लेन केबल पुल इसी महीने (जुलाई के अंत तक) तैयार हो जाएगा. 19.76 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का 99.1% काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

By Paritosh Shahi | July 6, 2026 9:33 PM

Kachchi Dargah Bidupur Six Lane Bridge: पटना के कच्ची दरगाह से वैशाली के राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-103 बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर बनाए जा रहे छह लेन केबल पुल और एप्रोच पथ परियोजना का काम इसी महीने यानी जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जायेगा. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि परियोजना का काम पूरा होने के बाद इस महीने के अंत तक उद्घाटन के बाद आवागमन के लिए इसे आम जनता को सौंप दिया जाएगा. इससे कच्ची दरगाह, राघोपुर दियारा,वैशाली के बीच सीधा संपर्क होगा और लोगों की यात्रा काफी आसान होगी.

क्या बोले सचिव

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि कच्ची दरगाह एवं वैशाली जिला के बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर कुल 19.76 किमी लंबा छह लेन ग्रीनफील्ड पुल परियोजना का निर्माण किया जा रहा है. निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. परियोजना के तहत 9.76 किलोमीटर लंबा पुल और 10 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ का निर्माण अंतिम चरण में है. सचिव ने बताया कि परियोजना का भौतिक कार्य 99.1 फीसदी पूरा किया जा चुका है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

लोगों को मिलेगा फायदा

पंकज कुमार पाल ने कहा कि यह छह लेन पुल पटना के सबलपुर को (बिदुपुर) के साथ पटना-बख्तियारपुर बाइपास (एनएच-30) से सीधे जुड़ा होगा. छह लेन गंगा पुल परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र के लोगों को राजधानी पटना से निर्बाध सड़क संपर्कता मिलेगी.

इस क्षेत्र में कृषि, उद्योग सहित अन्य व्यवसायों को गति मिलेगी. साथ ही आकस्मिक चिकित्सा की स्थिति में इलाज के लिये पटना पहुंचने वाले लोगों की सहूलियत भी बढ़ेगी. सचिव पाल के अनुसार यह पूरा प्रोजेक्ट पटना और उत्तर बिहार के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुगम बनायेगा. इस छह लेन पुल के बनने से गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा.

इसे भी पढ़ें: बिहार के इस जिले में 130 करोड़ की लागत से बनेगा नया बाइपास, यूपी और सबेया एयरपोर्ट जाना होगा आसान

बिहार में फेल होने के कगार पर यह योजना, 10 साल में नहीं बदला हाल, सरकार ने मांगी अंतिम रिपोर्ट