पटना में मेयर पति देवा गुप्ता को STF ने दबोचा, राजद के टिकट पर लड़े थे विधानसभा चुनाव

Bihar News: पटना में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख के इनामी कुख्यात अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है. वह मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं. लंबे समय से कई गंभीर मामलों में फरार चल रहे थे.

By Abhinandan Pandey | February 27, 2026 4:48 PM

Bihar News: बिहार एसटीएफ ने गुप्त सूचना के आधार पर राजधानी पटना में बड़ी कार्रवाई की. पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के राधिका अपार्टमेंट में छापेमारी की गई. फ्लैट संख्या 303 पर दबिश दी गई. यहीं से एक लाख रुपये के इनामी अपराधी देवा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया. देवा गुप्ता मोतिहारी नगर निगम की मेयर प्रीति कुमारी के पति हैं. वह राजद के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भी रह चुके हैं. गिरफ्तारी के बाद सियासी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.

एक लाख का इनामी और कुख्यात चेहरा

मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने देवा गुप्ता को कुख्यात अपराधी के रूप में चिह्नित किया था. उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनके खिलाफ 28 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

इन मामलों में हत्या, रंगदारी और जमीन कब्जा जैसे संगीन आरोप शामिल हैं. दो मामलों में वे लंबे समय से फरार चल रहे थे. पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी. आखिरकार एसटीएफ को सटीक सूचना मिली और गिरफ्तारी संभव हो सकी.

टॉप-100 हिट लिस्ट में नंबर वन

जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने 100 अपराधियों की विशेष सूची तैयार की थी. इस ‘हिट लिस्ट’ को अनुमोदन के लिए डीआईजी के पास भेजा गया था. सूची में शराब माफिया, भू-माफिया, हत्या और लूट के आरोपी शामिल थे. इस लिस्ट में देवा गुप्ता का नाम सबसे ऊपर था. इससे साफ है कि पुलिस के रडार पर वह लंबे समय से थे. उनकी गिरफ्तारी को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

राजनीतिक कनेक्शन ने बढ़ाई चर्चा

देवा गुप्ता का नाम राजनीतिक कारणों से भी सुर्खियों में रहा है. वह एक प्रभावशाली परिवार से जुड़े हैं. उनकी पत्नी नगर निगम की मेयर हैं. खुद भी चुनाव लड़ चुके हैं. ऐसे में गिरफ्तारी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.

हालांकि पुलिस का कहना है कि कानून सबके लिए समान है. चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

Also Read: बिहार में शिक्षकों का होगा प्रमोशन, सदन में बीजेपी बोली- धर्म परिवर्तन के खिलाफ बने कानून