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बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: जानिए मंत्रियों के बारे में

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बिहार मंत्रिमंडल विस्तार: जानिए मंत्रियों के बारे में
PATNA NEWS: डॉ. दिलीप जायसवाल: सीमांचल में भाजपा का मजबूत वैश्य चेहरा

PATNA NEWS: डॉ. दिलीप जायसवाल: सीमांचल में भाजपा का मजबूत वैश्य चेहरा

डॉ. दिलीप जायसवाल बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। खगड़िया जिले से संबंध रखने वाले डॉ. जायसवाल बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य हैं और सीमांचल क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है।

वैश्य समाज से आने वाले डॉ. दिलीप जायसवाल भाजपा संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुके हैं। वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं तथा राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

कटिहार और सीमांचल क्षेत्र में भाजपा के विस्तार में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। संगठनात्मक क्षमता, सरल व्यवहार और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। राजनीति के साथ-साथ उन्होंने स्वास्थ्य, व्यापार और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने के कारण उनकी पहचान जमीनी और अनुभवी नेता के रूप में बनी हुई है।

नीतीश मिश्रा: मिथिलांचल की राजनीति का प्रभावशाली चेहरा

नीतीश मिश्रा मधुबनी जिले की झंझारपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और मिथिलांचल क्षेत्र में भाजपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के पुत्र हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से की थी, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गये।

नीतीश मिश्रा बिहार सरकार में गन्ना उद्योग, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास, पर्यटन और उद्योग जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं। उनकी पहचान एक शिक्षित, विकासोन्मुख और नीति आधारित राजनीति करने वाले नेता के रूप में होती है।

वे शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक निवेश और आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहते हैं। मिथिलांचल क्षेत्र में उनका मजबूत राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव माना जाता है।

नीतीश मिश्रा नवंबर 2005 से लगातार झंझारपुर सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे बिहार विधानसभा के कई कार्यकालों के सदस्य रह चुके हैं और भाजपा के प्रमुख बौद्धिक चेहरों में गिने जाते हैं।

नंद किशोर राम: भाजपा का नया एससी चेहरा

नंद किशोर राम पश्चिम चंपारण जिले की रामनगर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की।

भाजपा ने इस सीट पर पूर्व विधायक भागीरथी देवी का टिकट काटकर नंद किशोर राम को मौका दिया था। पार्टी के इस फैसले को बड़ा राजनीतिक प्रयोग माना गया, जिसमें नंद किशोर राम ने जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई।

उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराकर भाजपा का विश्वास कायम रखा। राजनीति में आने से पहले वे लंबे समय तक भाजपा संगठन में जमीनी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे।

संगठन में जिला स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले नंद किशोर राम की पहचान जनता से जुड़े नेता के रूप में रही है। अनुसूचित जाति वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ और क्षेत्रीय सक्रियता ने उन्हें एक मजबूत जनाधार दिलाया।

भाजपा उन्हें पश्चिम चंपारण और आसपास के क्षेत्रों में उभरते हुए प्रभावशाली एससी चेहरे के रूप में देख रही है।

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