पटना हॉस्टल कांड : 59 सवालों में उलझी जांच? हॉस्टल से लेकर डिजिटल सबूत तक CID की सख्त गाइडलाइन

Patna NEET Student Death Case मामले में CID ने SIT की जांच पर सवाल उठाए हैं. एसआईटी को 59 सवालों की गाइडलाइन दी और पूछा है कि आखिरी 17 घंटे का CCTV गायब क्‍यों गायब है? नशे और यौन शोषण की आशंका कहीं ज्‍यादा बड़ा हो सकता है मौत का रहस्‍य.

By Keshav Suman Singh | January 30, 2026 6:29 PM

Patna NEET Student Death Case : नीट छात्रा मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है. ताजा अपडेट ये है सीबीआई ने एसआईटी के लिए गाइड लाइन जारी कर दिए हैं. पुलिस मुख्यालय से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, CID ने SIT को 59 अहम पॉइंट्स दिए हैं. जिसके आधार पर उन्‍हें जांच करने को कहा है. मिली जानकारी के अनुसार सीआईडी ने इस जांच पर सवाल उठाए हैं और केस को कई संभावित एंगल से दोबारा खंगालने का निर्देश दिया है.

CID की जांच का फोकस किन बिंदुओं पर?

CID ने एसआईटी को यह साफ कहा है कि यह मामला केवल आत्महत्या या दुर्घटना से जुड़ा नहीं हो सकता है. जांच उन पूरे घंटों के दौरान की होनी चाहिए जब से छात्रा 5 जनवरी को हॉस्‍टल में आई और उसके बाद उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया. यानी जांच का केंद्र 5 जनवरी की रात 9:30 बजे से 6 जनवरी की दोपहर 2 बजे तक होना चाहिए. सीआईडी के अनुसार ये वही अवधि है जब हॉस्टल में सबसे ज्‍यादा संदिग्‍ध गतिविधियां रही होंगी.

वो सवाल, जिनका जवाब तलाश रही CID

सवाल नंबर 1 क्या छात्रा को हॉस्टल में ही नशे की गोलियां खिलाई गईं?
सवाल नंबर 2 घटना के दौरान करीब 17 घंटे का CCTV फुटेज आखिर कहां है?
सवाल नंबर 3 अगर सीसीटवी फुटेज नहीं हैं तो कैमरे क्‍यों बंद थे या किसके इशारे पर बंद रहे?
सवाल नंबर 4 छात्रा के कपड़ों पर मिला स्पर्म किसका है?
सवाल नंबर 5 हॉस्टल स्टाफ, सहपाठियों और बाहरी लोगों की मूवमेंट लॉग क्यों अधूरी है?
सवाल नंबर 6 मोबाइल, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया चैट्स में कौन कौन लोग हैं?
सवाल नंबर 7 एफआईआर के बाद भी इस मामले पर तुरंत एक्‍शन क्‍यों नहीं लिया गया?
सवाल नंबर 8 मामले के तूल पकड़ने के बावजूद अब तक डिजिटल फॉरेंसिक जांच क्‍यों पूरी नहीं हुई?

हॉस्टल, परिवार और दोस्त सब जांच के घेरे में

CID की 59-पॉइंट गाइडलाइन में हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका, जहानाबाद में रह रहे परिवार से जुड़े तथ्यों, छात्रा के दोस्तों और करीबी संपर्कों, और डिजिटल सबूतों को लेकर गंभीर आशंकाएं जाहिर की गई हैं. मिली जानकारी के अनुसार, CID ने पटना पुलिस और SIT की ओर से अब तक की गई जांच पर सवाल उठाए हैं. साथ ही, कई प्‍वाइंट ऐसे भी हैं जिस पर दोबारा वेरिफिकेशन और स्वतंत्र जांच के निर्देश दिए हैं.

क्या अब सामने आएगा पूरा सच?

59 सवालों वाली यह गाइडलाइन ये साफ संकेत देती है कि मामला जैसा दिख रहा था, उससे कहीं ज्यादा पेचीदा और संवेदनशील है. अब सबकी नजर इस पर है कि SIT इन निर्देशों पर कितनी गंभीरता से पालन करती है और क्या 17 घंटे का गायब CCTV और अन्‍य अहम सबूत सामने आ पाते हैं या नहीं. ऐसे में पाठकों के मन में उठता सवाल लाजमी है कि क्या नीट छात्रा की मौत के पीछे की सच्चाई कभी सामने आ पाएगी? या फिर यह केस भी फाइलों की तह में दब जाएगा?


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