पटना IGNOU में शुरू हुआ क्लाइमेट चेंज में M.Sc. कोर्स, 15 जुलाई तक करें आवेदन

Patna News: जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने एमएससी क्लाइमेट चेंज प्रोग्राम शुरू किया है. इसके साथ ही इग्नू इस विषय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने वाली देश की पहली ओपन यूनिवर्सिटी बन गई है. इच्छुक छात्र 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं.

By Karuna Tiwari | June 10, 2026 2:07 PM

Patna News: (अमृता सिंह की रिपोर्ट)
पटना इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) विषय में मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) कार्यक्रम शुरू किया है. इस पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया जारी है और इच्छुक अभ्यर्थी 15 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं.

दो वर्षीय इस कार्यक्रम में कुल 80 क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं. प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक होना अनिवार्य है. विश्वविद्यालय ने बताया कि पहले वर्ष की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थी चाहें तो जलवायु परिवर्तन विषय में स्नातकोत्तर डिप्लोमा भी प्राप्त कर सकते हैं.

क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

विश्वविद्यालय के अनुसार इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्याओं के वैज्ञानिक और टिकाऊ समाधान विकसित करने वाली नई पीढ़ी तैयार करना है. दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर तेजी से बढ़ रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह बहुविषयक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है.

इन विषयों की होगी पढ़ाई

इस कोर्स में विद्यार्थियों को जलवायु विज्ञान, जलवायु जोखिम, अनुकूलन और बचाव के उपाय, पर्यावरण प्रबंधन तथा सतत विकास से संबंधित विषयों की जानकारी दी जाएगी. इसके अलावा जल संसाधन, ऊर्जा प्रणाली, कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जैव विविधता, कचरा प्रबंधन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, पर्यावरण कानून और जलवायु आकलन जैसे महत्वपूर्ण विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे.

छात्रों और पेशेवरों के लिए अवसर

इग्नू ने छात्रों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और पर्यावरण के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों से इस पाठ्यक्रम में नामांकन लेने की अपील की है. विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कोर्स विद्यार्थियों को वास्तविक चुनौतियों से निपटने और सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देने के लिए तैयार करेगा.

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