₹22.54 करोड़ वसूली मामले में रुक्मिणी बिल्डटेक को अंतिम मोहलत, पटना सिविल कोर्ट ने कहा- नहीं किया भुगतान तो होगी कुर्की

Patna Civil Court Rukmini Buildtech Case : पटना सिविल कोर्ट ने 22.54 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन अवार्ड मामले में रुक्मिणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड को अंतिम मौका दिया है. भुगतान नहीं होने पर कंपनी की संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई होगी.

By Sakshi kumari | July 4, 2026 12:57 PM

पटना से अजीत की रिपोर्ट
Patna Civil Court Rukmini Buildtech Case :
22.54 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन अवार्ड की वसूली को लेकर पटना सिविल कोर्ट ने रुक्मिणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पटना की अदालत में लंबित निष्पादन वाद संख्या-358/2023 में कंपनी और उसके निदेशकों को भुगतान के लिए अंतिम अवसर दिया गया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा नहीं होने पर कंपनी की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की सहित अन्य विधिसम्मत कार्रवाई शुरू की जाएगी.

Patna Civil Court Rukmini Buildtech Case: क्या है पूरा मामला?

गोपालपुर थाना क्षेत्र के एकतापुरम स्थित रुक्मिणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय में न्यायालय का नोटिस पहुंचने के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है. यह आर्बिट्रेशन अवार्ड 11 दिसंबर 2022 को केस संख्या-68/2019 में पारित किया गया था. आदेश के अनुसार कंपनी को 22,54,59,110 रुपये के साथ नियमानुसार ब्याज का भी भुगतान करना है.

किसे दिया गया अंतिम अवसर?

न्यायालय ने कंपनी के निदेशक अजीत आजाद और मानब कुमार सिंह को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी राशि जमा करने का निर्देश दिया है. नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि समय पर भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की, जब्ती और अन्य कानूनी निष्पादन कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

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Patna Civil Court Rukmini Buildtech Case: न्यायालय ने क्या कहा?

न्यायालयी सूत्रों के अनुसार, निर्णय-ऋणियों को भुगतान के लिए यह अंतिम अवसर दिया गया है. यदि निर्धारित समय सीमा तक राशि जमा नहीं होती है तो अदालत विधि के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी.

क्या कंपनी के निदेशक पर अन्य मामले भी लंबित हैं?

उपलब्ध न्यायालयी एवं पुलिस अभिलेखों के अनुसार, कंपनी के एक निदेशक के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों और थाना क्षेत्रों में कई मामले लंबित हैं. एक मामले में मधुबनी पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तारी भी की थी. हालांकि, इन सभी मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालयों द्वारा दिया जाना अभी शेष है.

पीड़ित भूस्वामी ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा

मामले केडिक्रीधारक एवं भूस्वामी नागेश्वर सिंह स्वराज ने कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है. उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और वर्षों से लंबित राशि की वसूली सुनिश्चित होगी.

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