परिसीमन के बाद भी नहीं भंग होंगी नगर समितियां, कार्यकाल पूरा करेंगे पार्षद

जिन नगर निकायों का परिसीमन हो चुका है और जिनकी नगर समिति का कार्यकाल अभी शेष है, वहां समिति को भंग कर नया चुनाव नहीं कराया जायेगा.

By DURGESH KUMAR | January 28, 2026 12:34 AM

उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि मंत्री के नेतृत्व में मिले जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल को दिया आश्वासन संवाददाता, पटना जिन नगर निकायों का परिसीमन हो चुका है और जिनकी नगर समिति का कार्यकाल अभी शेष है, वहां समिति को भंग कर नया चुनाव नहीं कराया जायेगा. उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को स्पष्ट कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी और उनका शेष कार्यकाल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि परिसीमन या क्षेत्र विस्तार के नाम पर निर्वाचित पार्षदों को हटाना न तो न्यायसंगत है और न ही लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन नगर निकायों में परिसीमन के बावजूद समिति का कार्यकाल बचा हुआ है, वहां चुनाव टाल दिये जायेंगे और पार्षद अपने दायित्व निभाते रहेंगे. डिप्टी सीएम ने यह आश्वासन उस समय दिया गया, जब कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर अपनी चिंता रखी. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दानापुर निजामत नगर परिषद क्षेत्र में फरीदनपुर, मैनपुरा, जमसौत, ढिबरा, कोथवां, मुस्तफापुर, बबक्करपुर, आशोपुर और नसीरपुर गांवों को शामिल कर इसका क्षेत्र विस्तार किया गया था. जिसे अक्टूबर में अधिसूचित भी कर दिया गया. नियमानुसार इसके बाद नये सिरे से वार्ड परिसीमन और चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी थी, जबकि निर्वाचित सदस्यों का करीब डेढ़ वर्ष का कार्यकाल अभी शेष है. पार्षदों ने कहा कि इस स्थिति में चुनाव कराना जनता के जनादेश के साथ अन्याय होगा. इस पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार जनप्रतिनिधियों के अधिकार और सम्मान के साथ खड़ी है और किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को समय से पहले हटने के लिए मजबूर नहीं किया जायेगा. आठ नगर निकायोंं के प्रस्ताव अधिसूचित जानकारी के अनुसार, बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत नए नगर निकायों के गठन और पुराने निकायों के क्षेत्र विस्तार के प्रस्तावों पर कार्रवाई की गयी है. आठ नगर निकायों के प्रस्ताव अधिसूचित कर निर्वाचन आयोग को भेजे जा चुके हैं. वहीं 29 नगर निकायों से प्राप्त प्रस्तावों पर जनगणना आयोग के निर्देश के कारण 31 मार्च 2027 तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है.