Lalu Yadav Security: राजद चीफ लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को फिर से Z कैटेगरी की सुरक्षा दे दी गई है. इसके साथ ही दोनों को बुलेटप्रूफ गाड़ी भी उपलब्ध कराई जाएगी. बिहार सरकार ने शुक्रवार शाम इसका नोटिफिकेशन जारी किया. सुरक्षा बहाल होने के बाद लालू यादव ने कहा कि सरकार बैकफुट पर है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या पहले सुरक्षा घटाकर सरकार ने उनके साथ अन्याय किया था, तो उन्होंने कहा, “हां, बहुत किया है.” करीब एक महीने पहले बिहार सरकार ने VVIP सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी. इसके बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था. इस फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया था.

विरोध में लौटा दी थी सरकारी सुरक्षा
सुरक्षा घटाए जाने से नाराज लालू यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से दी गई सुरक्षा वापस कर दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षा जवानों को वापस भेज दिया था.
इसके बाद सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने सुरक्षा जवान वापस कर दिए थे. राजद ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के बड़े नेताओं को राजनीतिक वजहों से निशाना बनाकर उनकी सुरक्षा कम की गई है.
आवास विवाद के बीच बढ़ा था मामला
राबड़ी आवास खाली कराने को लेकर सरकार और लालू परिवार के बीच विवाद भी चल रहा है. सरकार की ओर से पहले राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया था. विवाद बढ़ने के दौरान लालू और राबड़ी की Z+ सुरक्षा हटाकर बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी. उस समय उन्हें एस्कॉर्ट, बुलेटप्रूफ कार और 8 से 16 सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए गए थे. तेज प्रताप यादव की Y कैटेगरी की सुरक्षा भी समाप्त कर दी गई थी.
29 मई को मिला था आवास खाली करने का नोटिस
29 मई को राबड़ी आवास खाली करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन परिवार की ओर से बंगला खाली नहीं किया गया. इसके बाद सरकार ने दोबारा 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया. पहले 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव रहते थे. अब तेजस्वी यादव 1 पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हो चुके हैं. लालू यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रह रहे हैं.
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Z कैटेगरी सुरक्षा में क्या मिलता है?
Z कैटेगरी सुरक्षा में करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इसमें 2 से 8 हथियारबंद गार्ड, 2 PSO की 24 घंटे ड्यूटी और 3 से 5 गाड़ियों का काफिला शामिल होता है. इसके साथ एक बुलेटप्रूफ गाड़ी भी सुरक्षा का हिस्सा होती है.
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