आकाश यादव का दावा, तेज प्रताप यादव ने घर आकर धमकाया, फिर लॉरेंस बिश्नोई के आदमी का आया फोन

FIR on Tej Pratap Yadav: बिहार की राजधानी पटना में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ है. पाटलिपुत्र थाने में एफआईआर न होने के बाद पीड़ित आकाश यादव ने पटना कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां आज इस मामले की सुनवाई हुई.

By Paritosh Shahi | June 18, 2026 3:40 PM

FIR on Tej Pratap Yadav: लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ पटना की अदालत में मुकदमा दर्ज कराया गया है. अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने जान से मारने की धमकी मिलने के बाद अदालत में मुकदमा दर्ज कराया है. पटना सिविल कोर्ट में यह केस रजिस्टर्ड हुआ है और आज ही इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई भी हुई है.

पाटलिपुत्र थाने ने नहीं दर्ज की FIR, तो जाना पड़ा कोर्ट

आकाश यादव ने इस मामले की शुरुआत में 10 जून को पटना के पाटलिपुत्र थाना में एक लिखित शिकायत दी थी. लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की. पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई न होते देख आकाश यादव ने 17 जून को सीधे पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस रजिस्टर्ड कर लिया.

घर में घुसने की कोशिश का आरोप

आकाश यादव ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 6 जून को तेज प्रताप यादव अपने साथी मोती लाल यादव के साथ पटना के पाटलिपुत्र इलाके स्थित उनके घर पहुंचे थे. उस समय वह घर पर नहीं थे और खाटूश्याम गए हुए थे. आकाश यादव के अनुसार, उनकी गैरमौजूदगी में तेज प्रताप यादव और उनके साथी ने घर में जबरन घुसने की कोशिश की. साथ ही घर के लोगों को धमकी भी दी गई.

फोन पर धमकी मिलने का दावा

आकाश यादव का आरोप है कि बाद में उन्हें फोन कर मोती लाल यादव के जरिए धमकी दिलाई गई. उन्होंने कहा कि मोती लाल का फोन कटने के कुछ देर बाद एक और कॉल आया. शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम मोहित बताया और कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई का आदमी है. आकाश यादव का आरोप है कि कॉल करने वाले ने कहा कि मंत्री जी के खिलाफ कुछ नहीं बोलना है.

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कॉल रिकॉर्डिंग को बनाया सबूत

आकाश यादव ने दावा किया है कि उनके पास फोन कॉल की रिकॉर्डिंग मौजूद है. उन्होंने उस रिकॉर्डिंग को मामले में सबूत के तौर पर अदालत में जमा किया है. फिलहाल मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है. अब आगे की कार्रवाई अदालत और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी.

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