गृह मंत्रालय के आदेश के बाद बिहार के छात्रों को कराया जाएगा यह कोर्स, साइबर सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक
CBSE Cyber Security : CBSE ने स्कूलों को छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. 2.5 घंटे का साइबर हाइजीन सर्टिफिकेशन कोर्स भी कराया जाएगा.
पटना से अंबर की रिपोर्ट
CBSE Cyber Security : डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए CBSE ने छात्रों की साइबर सुरक्षा को लेकर नई पहल शुरू की है. बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें तथा गृह मंत्रालय के 2.5 घंटे के साइबर हाइजीन सर्टिफिकेशन कोर्स में भाग लेने के लिए प्रेरित करें.
CBSE Cyber Security : छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक
सीबीएसई ने स्कूलों को जारी निर्देश में कहा है कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध और सोशल मीडिया धोखाधड़ी के मामलों में भी वृद्धि हुई है. ऐसे में विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक करना आवश्यक है.
Cyber Hygiene Certification : 2.5 घंटे का साइबर हाइजीन सर्टिफिकेशन कोर्स
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को गृह मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए 2.5 घंटे के साइबर हाइजीन सर्टिफिकेशन कोर्स में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें. इस प्रशिक्षण के जरिए सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर खतरों से बचाव की जानकारी दी जाएगी.
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ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया धोखाधड़ी पर रहेगा फोकस
इस कोर्स में फिशिंग, फर्जी लिंक, डिजिटल फ्रॉड, ओटीपी और बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया स्कैम तथा व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता दी जाएगी, ताकि छात्र ऑनलाइन ठगी का शिकार होने से बच सकें.
स्कूलों में सक्रिय होंगे साइबर क्लब
सीबीएसई ने स्कूलों को अपने साइबर क्लब सक्रिय करने के भी निर्देश दिए हैं. इन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा से जुड़े व्यवहारिक ज्ञान, जागरूकता अभियान और डिजिटल सुरक्षा गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा.
अभिभावकों और शिक्षकों की भी होगी भागीदारी
बोर्ड का मानना है कि साइबर सुरक्षा केवल छात्रों तक सीमित नहीं है. इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी भी जरूरी है, ताकि घर और स्कूल दोनों जगह सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार किया जा सके.
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