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Home बिहार पटना पवन सिंह, चिराग या कुशवाहा? NDA में किसकी बनेगी बात, फंसा सियासी गणित

पवन सिंह, चिराग या कुशवाहा? NDA में किसकी बनेगी बात, फंसा सियासी गणित

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पवन सिंह, चिराग या कुशवाहा? NDA में किसकी बनेगी बात, फंसा सियासी गणित
चिराग पासवान, पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा

Rajya Sabha Election 2026: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाला है. जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें दो सीटें राजद, दो जेडीयू और एक रालोमो की हैं. संख्या के हिसाब से देखें तो NDA चार सीटें आसानी से जीत सकता है. लेकिन असली सस्पेंस पांचवीं सीट को लेकर बना हुआ है. गणित कहता है कि पांचवीं सीट जीतने के लिए 41 वोट चाहिए. NDA के पास चार सीटें निकालने के बाद करीब 38 वोट बचते हैं. यानी जीत के लिए तीन वोट और चाहिए. यह तीन वोट बिना क्रॉस वोटिंग के मिलना मुश्किल माना जा रहा है. यही वजह है कि पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प बन गया है.

ओवैसी और बीएसपी की क्या भूमिका

अगर विपक्ष पूरी तरह एकजुट हो जाए तो उनके पास भी जीत का आंकड़ा बन सकता है. विपक्ष के पास ओवैसी की पार्टी के 5 वोट और बसपा का 1 वोट है. ऐसे में विपक्ष भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इस सीट पर उम्मीदवार उतारना चाहेगा और संभव है कि कोई प्रभावशाली चेहरा सामने आए.

जेडीयू से नाम लगभग तय

जेडीयू की बात करें तो रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग तय माना जा रहा है. वे अति पिछड़ा समाज का बड़ा चेहरा हैं और जननायक कर्पूरी ठाकुर से उनका जुड़ाव जेडीयू के लिए अहम है. वहीं हरिवंश पहले से राज्यसभा में बड़े पद पर हैं. अगर पार्टी उन्हें दोबारा नहीं भेजती है तो यह सहयोगी दलों के लिए संदेश गलत जा सकता है.

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बीजेपी में स्थिति उलझी हुई

बीजेपी के सामने स्थिति थोड़ी उलझी हुई है. पार्टी ने पहले से कुछ बड़े नामों को लेकर संकेत दिए हैं. पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा को लेकर चर्चा है. अगर एक सीट पवन सिंह को दी जाती है तो बाकी उपेंद्र कुशवाहा को कैसे साधा जाएगा? चिराग पासवान की माता के नाम की भी चर्चा चलती रही है, लेकिन यह आसान नहीं दिखता. उधर कुशवाहा की पार्टी में हालिया विवाद ने उनकी स्थिति कमजोर की है.

बीजेपी के अंदर भी कई दावेदार हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का नाम चर्चा में है, लेकिन जातीय संतुलन भी एक बड़ा फैक्टर है. पार्टी सवर्ण और पिछड़ा समीकरण को साधते हुए फैसला कर सकती है. कुल मिलाकर बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट इस बार सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है. आने वाले दिनों में टिकट बंटवारे के साथ तस्वीर और साफ होगी.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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