बिहार में घर बनाने वालों के लिए बड़ी खबर, कमरे, रसोई और बाथरूम का मानक तय, नियम तोड़ा तो नहीं पास होगा नक्शा

Bihar New Building Rules: अगर आप बिहार में नया मकान बना रहे हैं या अपार्टमेंट खरीदने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. राज्य सरकार ने कमरे, रसोईघर, बाथरूम और शौचालय की न्यूनतम ऊंचाई, क्षेत्रफल और चौड़ाई के नए मानक तय किए हैं. इन नियमों का पालन नहीं करने पर नक्शा पास नहीं होगा और कार्रवाई भी की जाएगी.

By Abhinandan Pandey | June 21, 2026 1:19 PM

Bihar New Building Rules: अगर आप बिहार में नया मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं या फिर कोई अपार्टमेंट प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. राज्य सरकार ने मकान, अपार्टमेंट, रसोईघर, बाथरूम और शौचालय के आकार और ऊंचाई को लेकर नए मानक तय किए हैं. इन मानकों का पालन नहीं करने पर भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं होगा.

भवन निर्माण के लिए तय हुए नए मानक

नगर विकास एवं आवास विभाग ने नई भवन निर्माण उपविधि के ड्राफ्ट में इन नियमों को शामिल किया है. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा. नए नियमों के तहत मकान के हर हिस्से के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल, चौड़ाई और ऊंचाई तय की गई है.

कमरे की ऊंचाई 9 फीट से कम नहीं होगी

ड्राफ्ट के अनुसार रहने योग्य कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 97 वर्गफीट होना चाहिए. कमरे की चौड़ाई न्यूनतम 8 फीट और ऊंचाई कम से कम 9 फीट निर्धारित की गई है. इससे छोटे कमरे या कम ऊंचाई वाले निर्माण को मंजूरी नहीं मिलेगी.

रसोईघर के लिए भी अलग नियम

रसोईघर का क्षेत्रफल कम से कम 48.5 वर्गफीट होना चाहिए. इसकी चौड़ाई 6 फीट और ऊंचाई 9 फीट निर्धारित की गई है. वहीं किचन और डाइनिंग को एक साथ बनाने पर न्यूनतम क्षेत्रफल 81 वर्गफीट रखना होगा.

बाथरूम और शौचालय का भी तय हुआ आकार

नई उपविधि में बाथरूम और शौचालय के लिए भी स्पष्ट मानक तय किए गए हैं. केवल बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 20 वर्गफीट होना चाहिए. इसकी चौड़ाई 4 फीट और ऊंचाई 7.25 फीट होगी. वहीं केवल शौचालय का क्षेत्रफल 13 वर्गफीट और चौड़ाई 3 फीट तय की गई है. संयुक्त बाथरूम और शौचालय का क्षेत्रफल कम से कम 30 वर्गफीट होना जरूरी होगा.

छत की मुंडेर की ऊंचाई भी तय

सरकार ने छत की मुंडेर को लेकर भी मानक निर्धारित किए हैं. नई व्यवस्था के तहत मुंडेर की ऊंचाई लगभग 3.95 फीट से 4.92 फीट के बीच रखनी होगी.

क्यों लाए जा रहे हैं ये नियम?

अक्सर देखा जाता है कि कुछ बिल्डर अधिक फ्लोर बनाने के लिए कमरों की ऊंचाई घटा देते हैं. कई इमारतों में कमरे सिर्फ 8 फीट ऊंचे बनाए जाते हैं. इससे हवा और रोशनी की समस्या होती है. रहने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद ऐसी मनमानी पर रोक लगेगी और लोगों को बेहतर आवास मिल सकेगा.

जानिए क्या हैं नए मानक

  • छत की मुंडेर तय नहीं 3.95 से 4.92 फीट

नियम लागू होने के बाद क्या बदलेगा?

नई भवन निर्माण उपविधि लागू होने के बाद बिल्डरों और मकान मालिकों को निर्धारित मानकों का पालन करना होगा. इससे रहने योग्य जगहों की गुणवत्ता बेहतर होगी और लोगों को अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक आवास मिल सकेगा.

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