PMCH मामले में नया मोड़, पूर्व प्रिंसिपल पर विभाग ने लगाए गंभीर आरोप, जांच के आदेश

Bihar Health Department Action PMCH: पीएमसीएच के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह पर लगे आरोपों पर स्वास्थ्य विभाग ने जवाब जारी किया. कर्तव्यहीनता और संसाधनों के दुरुपयोग की पुष्टि का दावा किया गया है. आगे पढ़ें पूरी खबर...

By Karuna Tiwari | June 27, 2026 10:59 AM

पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Bihar Health Department Action PMCH:
पटना पीएमसीएच के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत तथ्यात्मक प्रतिवेदन जारी कर सभी आरोपों को खारिज किया है. विभाग का कहना है कि प्रथम दृष्टया कर्तव्यहीनता, अनधिकृत अनुपस्थिति और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के साक्ष्य मिले हैं.

प्रशासनिक ट्रांसफर को बताया गया रूटीन कार्रवाई

विभाग ने स्पष्ट किया कि डॉ. सिंह को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर बेतिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थापित किया गया है. इसे दंडात्मक कार्रवाई नहीं बल्कि प्रशासनिक स्थानांतरण बताया गया है.

कार्यक्रम की सूचना पहले ही देने का दावा

प्रतिवेदन में कहा गया है कि 23 जून के कार्यक्रम की जानकारी 22 जून की शाम को ही फोन पर दे दी गई थी. विभाग के अनुसार डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में शामिल होने और धन्यवाद ज्ञापन देने पर सहमति भी जताई थी.

अनुपस्थिति और निजी क्लिनिक में मौजूदगी का आरोप

विभाग ने दावा किया कि जांच में डॉ. सिंह की अनुपस्थिति के दौरान वे अपने निजी क्लिनिक में मौजूद पाए गए. सरकारी वाहन भी क्लिनिक के बाहर देखा गया. मरीजों और स्टाफ के बयान के आधार पर निजी प्रैक्टिस के भी संकेत मिले हैं.

प्रेस वार्ता को लेकर विभाग ने उठाए सवाल

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि डॉ. सिंह ने विभाग को औपचारिक जवाब देने के बजाय सीधे प्रेस वार्ता की, जो सेवा आचार नियमों के खिलाफ है.

Bihar Health Department Action PMCH: उच्चस्तरीय जांच समिति करेगी अंतिम जांच

विभाग ने बताया कि मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. समिति सभी पक्षों को सुनकर विस्तृत रिपोर्ट देगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. विभाग ने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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