बिहार में अब किसानों की होगी डबल कमाई, इन 6 जिलों ‘ऊपर बिजली, नीचे मछली’ योजना की होगी शुरुआत

Bihar Government: बिहार सरकार अब 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' योजना का विस्तार 6 नए जिलों में करने जा रही है. इस योजना से सौर ऊर्जा और मत्स्य पालन दोनों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की लागत घटेगी और आय बढ़ने की उम्मीद है.

By Abhinandan Pandey | June 28, 2026 9:55 AM

Bihar Government: बिहार में अब ‘ऊपर बिजली, नीचे मछली’ योजना के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी है. दरभंगा और सुपौल में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सरकार ने इसे छह और जिलों में लागू करने का फैसला किया है. इस योजना से बिजली उत्पादन और मत्स्य पालन दोनों को बढ़ावा मिलेगा.

इन 6 जिलों में शुरू होगी योजना

सरकार अब इस परियोजना का विस्तार जमुई, रोहतास, नवादा, बांका, मुंगेर और कैमूर में करेगी. योजना का फोकस उन पठारी इलाकों पर है, जहां अब तक बिजली की पहुंच सीमित रही है.

कैसे काम करेगी यह योजना?

इस मॉडल में तालाब के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. पैनल से बिजली बनेगी और नीचे उसी तालाब में मछली पालन होगा. इससे एक ही जगह पर दोहरा लाभ मिलेगा. अभी शुरुआती चरण में तिलापिया मछली के पालन और प्रोसेसिंग पर विशेष जोर रहेगा.

मछलियों को भी मिलेगा फायदा

तालाब के ऊपर लगे सोलर पैनल छतरी की तरह काम करेंगे. इससे पानी का तापमान नियंत्रित रहेगा. यह व्यवस्था कई स्थानीय और विलुप्त होती मछली प्रजातियों के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार करेगी.

किसानों का घटेगा खर्च

मछली पालन में ऑक्सीजन बनाए रखने के लिए एरेशन जरूरी होता है. अब किसान सौर ऊर्जा से एरेटर चला सकेंगे. इससे बिजली का बिल नहीं आएगा और उत्पादन लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है.

बिजली और मछली, दोनों से होगी कमाई

इस योजना से किसानों को एक ही जगह से बिजली और मछली दोनों का लाभ मिलेगा. डीजल पंप और बिजली ग्रिड पर निर्भरता भी कम होगी. इससे ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा और रोजगार दोनों बढ़ेंगे.

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प्राकृतिक आपदा में भी रहेगा सहारा

यह सोलर सिस्टम खराब मौसम में भी काम करने के लिए तैयार किया गया है. भविष्य में इसे पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा. इससे छोटे किसानों को अतिरिक्त आय और बेहतर सुरक्षा मिलेगी.

सरकार का दावा

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव कपिल अशोक के अनुसार, सौर ऊर्जा आधारित मत्स्य पालन से किसानों की लागत घटेगी और आय बढ़ेगी. सरकार का लक्ष्य इस मॉडल को ग्रामीण विकास का नया आधार बनाना है.

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