Bihar Cyber Fraud: बिहार में ऑनलाइन लोन ऐप के जरिए साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. खासकर गूगल क्रोम या दूसरे अनवेरिफाइड प्लेटफॉर्म से लोन ऐप डाउनलोड करने वाले लोग साइबर अपराधियों के निशाने पर हैं. पटना साइबर थाने में हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है.
2000 रुपये का लोन देकर जीता भरोसा
पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि उसने सस्ते लोन के लालच में क्रोम ब्राउजर के जरिए एक लोन ऐप डाउनलोड किया था. ऐप इंस्टॉल करते समय उसने बिना पढ़े सभी टर्म्स एंड कंडीशन स्वीकार कर लीं. कुछ ही देर बाद ऐप के जरिए उसे 2000 रुपये का लोन भी मिल गया. इससे उसे लगा कि ऐप भरोसेमंद है.
फोन का एक्सेस मिलते ही शुरू हुआ खेल
कुछ दिनों बाद युवक की परेशानी शुरू हो गई. ऐप के जरिए साइबर ठगों को उसके मोबाइल की गैलरी, कॉन्टैक्ट और दूसरे डेटा तक पहुंच मिल गई. इसके बाद उन्होंने उसकी निजी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया.
AI से तस्वीरें बनाईं अश्लील
पीड़ित का आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उसकी निजी तस्वीरों को AI तकनीक की मदद से अश्लील और आपत्तिजनक बना दिया. इसके बाद वे तस्वीरें उसके परिवार और परिचितों को भेज दी गईं. इस घटना के बाद युवक मानसिक तनाव में आ गया और उसने पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई.
साइबर DYSP ने दी चेतावनी
साइबर DYSP नीतीश चंद्र धारिया ने कहा कि गूगल क्रोम पर कई ऐसे लोन ऐप मौजूद हैं, जो वेरिफाइड नहीं हैं. ये ऐप कम ब्याज और आसान लोन का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति बिना जांचे ऐप इंस्टॉल करता है और टर्म्स एंड कंडीशन स्वीकार करता है, उसके मोबाइल का एक्सेस अपराधियों तक पहुंच सकता है.
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बिना पढ़े टर्म्स एंड कंडीशन स्वीकार न करें
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें. टर्म्स एंड कंडीशन को ध्यान से पढ़ें. बिना समझे किसी भी परमिशन को अनुमति न दें. ऐसा करने से आपकी गैलरी, कॉन्टैक्ट और निजी डेटा सुरक्षित रहेगा.
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
साइबर पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार हो जाता है, तो वह देर न करे. तुरंत नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. समय पर शिकायत करने से नुकसान को कम किया जा सकता है.
