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Home बिहार पटना बिहार में अब राज्य सरकार की सड़कों और पुलों पर भी लगेगा टोल टैक्स, कैबिनेट की मंजूरी

बिहार में अब राज्य सरकार की सड़कों और पुलों पर भी लगेगा टोल टैक्स, कैबिनेट की मंजूरी

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बिहार में अब राज्य सरकार की सड़कों और पुलों पर भी लगेगा टोल टैक्स, कैबिनेट की मंजूरी
प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Generated)

Bihar Cabinet: बिहार सरकार के स्वामित्व वाली सड़कों, बाइपास और बड़े पुलों पर अब एनएच की तर्ज पर ही पथकर (टोल टैक्स) लिया जायेगा. इसके लिए निजी और व्यावसायिक सहित अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग दरों का निर्धारण किया गया है, जो दर 1.25 रुपये प्रति किमी से शुरू होकर 8.10 रुपये प्रति किमी तक होगी. इसे लेकर पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में बुधवार को मंजूरी दे दी गयी. इसके सहित बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी है. यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी.

नॉन-फास्टैग और ओवरलोडेड वाहनों पर लगेगा भारी जुर्माना

इस नई नियमावली में शुल्क दरों के परिवर्तन के बारे में सालाना समीक्षा की व्यवस्था की गयी है. इसके साथ ही, फास्टैग और अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से आधुनिक और सुगम टोल कलेक्शन को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था है. इसके साथ ही इस टोल टैक्स से किन श्रेणियों के वाहनों या उपयोगकर्ताओं को छूट या रियायती पास दी जायेगी, इसकी भी व्यवस्था की गयी है.

इस व्यवस्था में नॉन-फास्टैग वाहनों के मामलों में अधिक उपयोगकर्ता शुल्क और ओवरलोड वाहनों के संबंध में भी अलग टैक्स के प्रावधान किए गए हैं, जिसके तहत उन पर भारी जुर्माना लगाया जायेगा. साथ ही पारदर्शिता, अंकेक्षण (ऑडिट), जवाबदेही सहित बेहतर प्रबंधन से संबंधित प्रावधानों को भी सम्मिलित किया गया है.

वाहन श्रेणी के अनुसार तय की गई टोल टैक्स की दरें

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत दरों के अनुसार, निजी कार, जीप, वैन और हल्के चार पहिया वाहनों के लिए 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क तय किया गया है. वहीं कॉमर्शियल कार, जीप, वैन और हल्के चार पहिया वाहनों के लिए यह दर दो रुपये प्रति किलोमीटर होगी.

कम क्षमता वाले बस और ट्रक के लिए चार रुपये प्रति किलोमीटर, जबकि अधिक क्षमता वाले बस और ट्रक के लिए 4.60 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की गई है. इसके अलावा, सबसे अधिक टैक्स हेवी कंस्ट्रक्शन वाली मशीनरी (भारी निर्माण कार्य वाले वाहनों) पर लगेगा, जिसके लिए संचालकों को 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा.

बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन नियमावली 2026 भी गठित

राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ लोगों को नदियों के आर-पार करने और सामग्रियों की ढुलाई में सुविधा के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने ‘बिहार नौकाघाट बंदोबस्ती एवं प्रबंधन नियमावली, 2026’ को भी गठित कर दिया है. इसके अंतर्गत पहले से लागू अधिनियम 2023 को प्रभावी किया जायेगा, जिसमें संबंधित कुल आठ विभागों को शामिल किया गया है. इसके तहत पब्लिक व निजी नौकाघाटों को घोषित करने, बंदोबस्ती, पंजीकरण और जुर्माना संबंधी विस्तृत प्रावधान किये गये हैं.

पब्लिक नौकाघाटों की बंदोबस्ती सुरक्षित जमा राशि के आधार पर लोक निलामी से सार्वजनिक डाक प्रणाली के माध्यम से उच्चतम डाकवक्ता को न्यूनतम तीन और अधिकतम पांच वर्ष के लिए की जाएगी, जिससे प्राप्त आय को नौकाघाटों के रखरखाव और बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन पर खर्च किया जायेगा.

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विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।
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