औरंगाबाद से बिहटा तक सफर होगा आसान, 3606 करोड़ की लागत से तैयार होगी नई रेल लाइन

Aurangabad Bihta Rail Line Project: औरंगाबाद-बिहटा रेल परियोजना अब जमीन पर उतरने जा रही है. 3606.42 करोड़ रुपये की इस योजना से कनेक्टिविटी मजबूत होगी. 117 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पर 13 स्टेशन बनेंगे. इससे पटना आने-जाने में सहूलियत होगी.

By Paritosh Shahi | April 13, 2026 7:38 PM

Aurangabad Bihta Rail Line Project: औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन जल्द हकीकत बनने जा रही है. अगर जमीन अधिग्रहण का काम तय समय पर पूरा हो गया, तो अगले दो साल में इस रूट पर ट्रेनें चलने लगेंगी. यह परियोजना मगध क्षेत्र के लिए बहुत अहम मानी जा रही है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए इस रेल परियोजना की पूरी जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि बिहार को रेलवे की बड़ी सौगात मिली है. इस परियोजना के लिए 3606.42 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.

प्रोजेक्ट के बारे में जानिये

यह रेल लाइन कुल 117 किलोमीटर लंबी होगी और औरंगाबाद से बिहटा तक जाएगी. इसके लिए करीब 500 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी. इस रूट पर कुल 13 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे लोगों को पटना आने-जाने में काफी सुविधा होगी.

रेलवे का सर्वे पूरा हो चुका है और अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा.

तीन चरणों में काम पूरा होगा

परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक 14 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा. यह काम अगले दो से तीन महीनों में शुरू हो सकता है. दूसरे चरण में अनुग्रह नारायण रोड से अरवल क्षेत्र तक और तीसरे चरण में बिहटा तक रेल लाइन तैयार की जाएगी.

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कहां- कहां के लोगों को मिलेगा फायदा

इस रेल परियोजना से चार लोकसभा क्षेत्रों के लोगों को फायदा मिलेगा. पाटलिपुत्र, जहानाबाद, काराकाट और औरंगाबाद क्षेत्र के करीब 75 लाख लोग इससे लाभान्वित होंगे. पालीगंज, बिक्रम, अरवल, ओबरा और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी.

अभी पटना और औरंगाबाद के बीच सीधी ट्रेन की सुविधा नहीं है. औरंगाबाद की डीएम अभिलाषा शर्मा ने बताया कि जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो चुका है. पहले चरण में औरंगाबाद प्रखंड के गांवों में प्रक्रिया चल रही है और इसकी निगरानी लगातार की जा रही है.

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