पटना विश्वविद्यालय के सभी भवनों पर लगेंगे थ्रीडी लाइट बोर्ड, गंगा पथ पर दूर से दिखेंगे

गंगापथ से गुजरने वाले लोगों को अब दूर से ही स्पष्ट दिखेगा कि वे पटना विश्वविद्यालय परिसर क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं.

By ANURAG PRADHAN | January 29, 2026 7:10 PM

संवाददाता, पटना

गंगापथ से गुजरने वाले लोगों को अब दूर से ही स्पष्ट दिखेगा कि वे पटना विश्वविद्यालय परिसर क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं. पटना विश्वविद्यालय के सभी भवनों पर जल्द ही थ्रीडी लाइट बोर्ड लगाये जायेंगे. इससे न केवल विश्वविद्यालय की स्पष्ट पहचान बनेगी, बल्कि पटना शहर के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा. यह अहम निर्णय पटना विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो नमिता सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सिंडिकेट की बैठक में लिया गया. बैठक में तय किया गया कि मरीन ड्राइव की ओर स्थित विश्वविद्यालय के सभी प्रमुख भवनों पर आधुनिक तकनीक से युक्त थ्रीडी लाइट बोर्ड लगाये जायेंगे, ताकि विश्वविद्यालय क्षेत्र की दृश्य पहचान सशक्त हो सके.

शहर की सुंदरता के साथ विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी

सिंडिकेट की बैठक में सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि थ्रीडी लाइट बोर्ड न केवल राहगीरों और पर्यटकों को विश्वविद्यालय क्षेत्र की जानकारी देंगे, बल्कि गंगापथ जैसे प्रमुख पथ पर शहर की सौंदर्यात्मक छवि को भी और बेहतर बनायेंगे.

65 शिक्षकेतर कर्मचारियों को एसीपी-एमएसीपी का लाभ

इसी क्रम में कुलपति प्रो नमिता सिंह की अध्यक्षता में पटना विश्वविद्यालय की पे फिक्सेशन कमेटी की बैठक भी आयोजित की गयी. बैठक में 65 शिक्षकेतर कर्मचारियों को एसीपी व एमएसीपी के तहत उन्नयन का लाभ प्रदान करने और उनका पे फिक्सेशन करने का निर्णय लिया गया. इससे कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा और कार्यबल का मनोबल भी बढ़ेगा.

छह सहायक प्राध्यापकों का लेवल-11 में पे फिक्सेशन

पे फिक्सेशन कमेटी की बैठक में छह सहायक प्राध्यापकों, जिनका प्रोमोशन लेवल-10 से लेवल-11 में हो चुका है, उनके वेतन निर्धारण को भी स्वीकृति दी गयी. इसके साथ ही दो शिक्षकों के पे प्रोटेक्शन पर भी सहमति बनी. छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो अनिल कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के इन फैसलों से शिक्षकेतर कर्मचारियों और शिक्षकों में संतोष और उत्साह का माहौल है.एसीपी-एमएसीपी और पे फिक्सेशन से जहां कर्मचारियों को वर्षों से लंबित लाभ मिलेगा, वहीं विश्वविद्यालय की दृश्य पहचान को मजबूत करने की पहल से संस्थान की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी. बैठक में प्रमुख रूप से प्रो संजय कुमार, प्रो संजय कुमार सिन्हा, डॉ नीतीश कुमार टनटन, अंजुम आरा, प्रो राकेश कुमार के साथ अन्य सदस्य उपस्थित थे.