पटना के 14 थानों को किया गया अपग्रेड, सब-इंस्पेक्टर के बजाये इंस्पेक्टर ही होंगे थानाध्यक्ष
Patna News : राज्य में कुल 217 नए थानों को अपग्रेड किया गया है, जबकि दपहले से 208 थाने अपग्रेडेड थे. अब पूरे बिहार में अपग्रेडेड थानों की संख्या 425 हो गई है.
पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट
Patna News : पटना जिले के 14 थानों को अपग्रेड कर दिया गया है. अब इन थानों में थानाध्यक्ष के पद पर सब इंस्पेक्टर के बजाय इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस अधिकारी तैनात किए जाएंगे. इस निर्णय के बाद जिले में पुलिस प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
इन थानों को किया गया अपग्रेड
अपग्रेड किए गए थानों की सूची में मनेर, गौरीचक, धनरूआ, रूपसपुर, विक्रम, खुसरूपुर, गोपालपुर, मुसल्लहपुर, रानीतालाब, अथमलगोला, सालिमपुर, दुल्हिनबाजार और नदी थाना सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं. इन थानों में फिलहाल सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, जिन्हें अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों से बदला जाएगा.
पटना में 88 थाने हैं,
जानकारी के अनुसार, पटना जिले में कुल 88 थाने हैं, जिनमें अब 55 थाने इंस्पेक्टर लेवल के हो गए हैं. इससे पहले 41 थाने अपग्रेडेड थे.
41 अपग्रेड थानों में सब-इंस्पेक्टर को ही बनाया थानाध्यक्ष
बताया जा रहा है कि पहले से अपग्रेड किए गए 41 थानों में से 8 थानों में नियम के विपरीत सब इंस्पेक्टर को ही थानाध्यक्ष बना दिया गया था. इनमें पत्रकार नगर, बहादुरपुर, नौबतपुर, चौक, रामकृष्ण नगर, पालीगंज, शाहपुर और मोकामा थाना शामिल बताए जाते हैं.
इंस्पेक्टर की उपलब्धता पर सवाल
हालांकि नियम के अनुसार इन थानों में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की तैनाती होनी चाहिए थी. इस स्थिति को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया है. रिपोर्ट के अनुसार जिले में इंस्पेक्टर के स्वीकृत पद 116 के मुकाबले 144 अधिकारी कार्यरत हैं. इसके बावजूद कई थानों में इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं की गई थी, जिस पर सवाल उठे हैं.
बिहार में अब अपग्रेडेड थानों की संख्या 425 हो गयी
डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद पूरे बिहार में थानों को अपग्रेड किया गया है, ताकि इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित हो सके. राज्य में कुल 217 नए थानों को अपग्रेड किया गया है, जबकि पहले से 208 थाने अपग्रेडेड थे. अब पूरे बिहार में अपग्रेडेड थानों की संख्या 425 हो गई है. थानों के अपग्रेडेशन का उद्देश्य बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण, अपराध नियंत्रण, कांडों का त्वरित निपटारा और अनुशासन को मजबूत करना बताया गया है.
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