पटना मेट्रो में बड़ा बदलाव, अब 3 नहीं 6 कोच वाली ट्रेनें भरेंगी रफ्तार

Patna Metro: राजधानी पटना में मेट्रो प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रही है. अब योजना है कि भविष्य में शहर में छह कोच वाली मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएं और दोनों कॉरिडोर के लिए आठ से दस 6 कोच वाले रैक खरीदे जाएं. जल्द ही पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से टेंडर जारी की जा सकती है, जबकि भूमिगत और एलिवेटेड हिस्सों में पटरी बिछाने की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है.

By Pratyush Prashant | February 18, 2026 10:38 AM

Patna Metro: पटना शहर की लाइफलाइन बनने वाली मेट्रो में अब 3 के बजाय 6 कोच वाले रैक दौड़ेंगे. भीड़ की संभावना और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन ने 8 से 10 नए रैक खरीदने का फैसला लिया है. इसके साथ ही, राजेंद्र नगर से लेकर पटना जंक्शन तक बिछने वाले अंडरग्राउंड टनल और एलिवेटेड रूट के लिए पटरियों का टेंडर भी जल्द जारी होने वाला है.

पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (PMRC) जल्द ही इसके लिए 8 से 10 नए रैक खरीदने की टेंडर जारी करने वाला है. यह कदम न केवल यात्रियों की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि पटना को दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों की श्रेणी में खड़ा कर देगा.

अंडरग्राउंड टनल तैयार, अब बिछने वाली है पटरी

पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 का काम अब निर्णायक मोड़ पर है. राजेंद्र नगर से पटना जंक्शन के बीच टनल (सुरंग) का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है. मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच और गांधी मैदान जैसे व्यस्त इलाकों के नीचे सुरंग का ढांचा तैयार हो चुका है.

अब अगले कदम के रूप में लगभग 12.5 किलोमीटर के एलिवेटेड और भूमिगत हिस्से में पटरी बिछाने के लिए टेंडर जारी होने वाला है. यानी अगले कुछ महीनों में स्टेशनों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम भी जमीन पर दिखने लगेगा.

6 चरणों में खुलेगा सुखद सफर का रास्ता

मेट्रो का परिचालन चरणबद्ध तरीके से शुरू होगा, जिससे शहर के ट्रांजिट नक्शे में बड़ा बदलाव आएगा. चौथे चरण में मलाही पकड़ी से राजेंद्र नगर और विश्वविद्यालय तक भूमिगत परिचालन की योजना है. इसके बाद पांचवें और छठे चरण में गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन होते हुए मेट्रो मीठापुर तक पहुंचेगी.

इस रूट के शुरू होने से पटना के सबसे भीड़भाड़ वाले शैक्षणिक और व्यापारिक केंद्रों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र चंद मिनट रह जाएगा.

फिलहाल किराए के रैक से ‘ट्रेलर’

नए कोच खरीदने और उनकी डिलीवरी होने में करीब दो साल का समय लग सकता है, इसलिए बोर्ड ने स्मार्ट रणनीति अपनाई है. वर्तमान में ट्रायल और शुरुआती सेवाएं किराए पर लिए गए 3 कोच वाले रैक से पूरी की जा रही हैं.

मार्च तक एक और रैक किराए पर आने की उम्मीद है, ताकि मीठापुर तक के एलिवेटेड रूट पर परिचालन जल्द शुरू किया जा सके. जैसे ही पटना मेट्रो के अपने 6 कोच वाले रैक आएंगे, शहर में सार्वजनिक परिवहन की एक नई तस्वीर देखने को मिलेगी.

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