तैयार हुआ पटना मेट्रो का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन,जानें कब शुरू होगा सफर

Patna Metro: पटना में मेट्रो प्रोजेक्ट अब तेजी से जमीन पर उतरती दिख रही है. पटना मेंट्रो का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन मोइनुल हक लगभग तैयार हो चुका है. यह स्टेशन जमीन से करीब 22 मीटर नीचे बनाया गया है और इसका सिविल वर्क लगभग पूरा हो गया है. अब यहां से टनलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है.

By Pratyush Prashant | April 10, 2026 8:07 AM

Patna Metro: पटना में मेट्रो का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है. शहर की धड़कन कहे जाने वाले मोइनुल हक स्टेडियम के पास पटना मेट्रो का पहला अंडरग्राउंड स्टेशन लगभग बनकर तैयार हो गया है.

जमीन से करीब 22 मीटर की गहराई पर स्थित इस स्टेशन का सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है, जो पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. टनल बोरिंग मशीन (TBM) की गड़गड़ाहट अब राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे सुनाई दे रही है, जिससे यह साफ है कि आने वाले कुछ महीनों में शहर की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है.

22 मीटर नीचे बन रहा तकनीकी चमत्कार

मोइनुल हक स्टेशन से राजेंद्र नगर की ओर टनल बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है.अधिकारियों के मुताबिक, दो टीबीएम मशीनें लगातार खुदाई कर रही हैं. पहली लेन में 705 मीटर के लक्ष्य में से 278 मीटर और दूसरी लेन में 681 मीटर में से 448 मीटर खुदाई पूरी हो चुकी है.

सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे से टनल गुजारना है, जिसकी 24 घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है. उम्मीद है कि अगले तीन से चार महीनों में मोइनुल हक स्टेडियम से पटना जंक्शन तक का छह किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड टनल नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा.

न्यू बाइपास पर एलिवेटेड काम की फिनिशिंग

सिर्फ अंडरग्राउंड ही नहीं, बल्कि एलिवेटेड रूट पर भी काम अंतिम चरण में है. न्यू बाइपास इलाके में खेमनीचक से मीठापुर तक एलिवेटेड लाइन का ढांचा तैयार है. अब यहां सिर्फ ट्रैक बिछाने और बिजली की वायरिंग का काम बाकी है.

इस रूट के शुरू होने से जगनपुरा, रामकृष्णा नगर और मीठापुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी. मीठापुर के बाद मेट्रो एक बार फिर जमीन के नीचे का रास्ता पकड़ेगी, जो शहर के मुख्य हिस्सों को जोड़ेगी.

उद्घाटन की राह में बस एक कदम की दूरी

पटनावासी जिस पल का इंतजार कर रहे हैं, वह अब बस फायर एनओसी पर टिका है. भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच का काम पूरा हो चुका है, लेकिन सीएमआरएस जांच और फायर एनओसी नहीं मिलने के कारण अभी शुरू नहीं हो पा रहा है.

इस महीने के अंत तक सभी तकनीकी बाधाएं दूर कर ली जाएंगी. शुरुआती दौर में खेमनीचक स्टेशन को इंटरजंक्शन वर्क के कारण नहीं खोला जाएगा, जिससे मेट्रो सीधे भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच दौड़ेगी.

Also Read: CM से संसद तक: ‘सुशासन बाबू’ की खामोश विदाई, कल के बाद बिहार की राजनीति में खलेगा खालीपन..