सांसद पप्पू यादव ने पटना के विशेष अदालत में किया सरेंडर, जमानत पर हुए रिहा, जानिए क्या है पूरा मामला?

Pappu Yadav Surrender : CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में 2020 में पटना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदारों के आधार पर जमानत दे दी.

By Nikhil Anurag | June 24, 2026 8:01 PM

पटना से नितीश सिंह की रिपोर्ट
Pappu Yadav Surrender : CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया.

विशेष अदालत में किया सरेंडर

सांसदों एवं विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में पप्पू यादव ने आत्मसमर्पण किया. इसके साथ ही दोनों मामलों में उनकी ओर से जमानत याचिका दायर की गई.

10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर मिली जमानत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पप्पू यादव को प्रत्येक मामले में 10 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों के बंध पत्र पर जमानत देने का आदेश दिया.

2020 के दो मामलों से जुड़ा है मामला

पप्पू यादव के अधिवक्ता विजय आनंद ने बताया कि पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 133/2020 से संबंधित है. इसमें 23 फरवरी 2020 को सीएए और एनआरसी के विरोध में पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने का आरोप है.

वहीं दूसरा मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 390/2020 से जुड़ा है. इस मामले में 25 सितंबर 2020 को कृषि बिल के विरोध में आयकर गोलंबर स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है.

अदालत के आदेश के बाद हुए मुक्त

दोनों मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पप्पू यादव को जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें रिहा कर दिया गया.

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