Nawada News: राष्ट्रीय राजमार्ग-20 (पुराना एनएच-31) की जमीन पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. रजौली से लेकर नवादा तक राजमार्ग की भूमि पर कब्जा करने वालों को चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं. शुरुआती चरण में 160 लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप और दहशत का माहौल है. कई लोग अब अपने स्तर से अतिक्रमण हटाने और कानूनी सलाह लेने में जुट गए हैं.
250 लोगों को भेजा जाएगा नोटिस
एनएच-20 के अधिकारी आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि रजौली से नवादा तक करीब 250 लोगों को नोटिस भेजा जाना है. इनमें से अब तक 160 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है, जबकि शेष लोगों को भी जल्द नोटिस भेजा जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और अभियान लगातार जारी रहेगा.
सात दिन में अतिक्रमण हटाने का निर्देश
एनएचएआई की ओर से जारी प्रारंभिक नोटिस के अनुसार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू-गया द्वारा निरीक्षण और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-20 के विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से स्टॉल, छप्परनुमा दुकानें एवं अन्य निर्माण कर सरकारी भूमि पर कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई है. संबंधित लोगों को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से सात दिनों के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है.
तीन दिन में अपना पक्ष रखने का अवसर
नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष रखना चाहता है तो वह तीन दिनों के भीतर परियोजना निदेशक, एनएचएआई पीआईयू-गया के कार्यालय में लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकता है. इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जिलाधिकारी को भी भेजी गई नोटिस की प्रति
25 जून 2026 को जारी इस नोटिस की प्रतिलिपि क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई पटना तथा जिलाधिकारी नवादा को भी भेजी गई है. जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि एवं यातायात) अधिनियम, 2002 की धारा-26 एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए. नोटिस के साथ संबंधित अतिक्रमण स्थल का फोटो भी साक्ष्य के रूप में संलग्न किया गया है.
नोटिस मिलते ही बढ़ी बेचैनी
लगातार नोटिस जारी होने से एनएच-20 किनारे वर्षों से दुकान, स्टॉल या अन्य अस्थायी निर्माण कर व्यवसाय करने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. कई लोग स्वयं अतिक्रमण हटाने की तैयारी में जुट गए हैं, जबकि कुछ लोग अपने दस्तावेजों के साथ प्रशासन के समक्ष पक्ष रखने की तैयारी कर रहे हैं. एनएचएआई का कहना है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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