[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर अहियापुर में एक ओर बच्चे में एइएस की पुष्टि

अहियापुर में एक ओर बच्चे में एइएस की पुष्टि

0
अहियापुर में एक ओर बच्चे में एइएस की पुष्टि

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

उसम भरी गर्मी ने एइएस के मरीज बढ़ा दिये हैं. बुधवार को शहरी क्षेत्र अहियापुर भीखनपुर की एक सात वर्षीय बच्ची में लक्षणों की पुष्टि हुई है. वहीं पिछले सप्ताह अहियापुर के ही एक और बच्चे में बीमारी देखी गयी. इधर जिले के दो बच्चे चमकी बुखार से पीड़ित होकर भर्ती कराये गये हैं. एइएस से पीड़ित बच्ची कल्पना कुमारी (सात साल) गगनदेव राज की बेटी है. बच्चे के परिजन चमकी बुखार की हालत में दस जून को भर्ती कराए थे. पैथोलॉजी रिपोर्ट में शुगर लेवल कम मिला.

हाइपोग्लाइसीमिया बताते हुए डॉक्टर ने एइएस की पुष्टि कर दी. बच्चे का इलाज डॉ. गोपाल शंकर सहनी की यूनिट में चल रहा था. बेहतर होने पर उसे बुधवार को डिस्चार्ज कर दिया गया. पीड़ित बच्चों की संख्या 26 हो गई. इलाज के दौरान एक भी बच्चों की मौत अब तक नहीं हुई है. बढ़ती संख्या को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है. अस्पताल प्रशासन ने बच्चे की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है. स्वास्थ्य विभाग के तय प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज किया गया. शिशु रोग विशेषज्ञ सह उपाधीक्षक डॉ. गोपाल शंकर सहनी ने बताया है कि जब-जब उमस भरी गर्मी पड़ती है, तब-तब बच्चे बीमारी के शिकार बन रहे हैं. बच्चे को खाली पेट नहीं सोने दें. धूप में बच्चों को खेलने नहीं दें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel