[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मुजफ्फरपुर एमडीआर टीबी मरीजों का सफल उपचार, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

एमडीआर टीबी मरीजों का सफल उपचार, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

0
एमडीआर टीबी मरीजों का सफल उपचार, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी के मरीजों के उपचार में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई नई ‘रीजीम बी पाल एम’ दवाओं के छह माह के कोर्स से कई मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. सी.के. दास ने बताया कि यह दवा 14 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों को दी जा रही है. वर्ष 2024 में जिले में एमडीआर टीबी के 206 मामले सामने आए थे, जो नई दवाओं के उपयोग से घटकर लगभग 150 रह गए हैं. टीबी उन्मूलन के लिए स्क्रीनिंग अभियान को तेज किया गया है. मरीजों की जांच के बाद ही दवा दी जाती है, और डोज की निगरानी होम विजिट व डिजिटल एड्हेरेंस सिस्टम के जरिए की जाती है. डॉ. दास ने बताया कि अनियमित दवा सेवन या दुरुपयोग के कारण टीबी बैक्टीरिया दवाओं के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे एमडीआर टीबी होता है. इसके अलावा, संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से भी यह फैलता है. विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है और लोगों से लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से जिला टीबी मुक्ति की ओर अग्रसर है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel