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प्राथमिक विद्यालय धनौती का डायस कोड गायब, हंगामा

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प्राथमिक विद्यालय धनौती का डायस कोड गायब, हंगामा

प्रतिनिधि, मोतीपुर राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय धनौती का शिक्षा विभाग द्वारा यू डायस कोड हटा दिये जाने से विद्यालय के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. अब न तो बच्चों का डाटा मिल पा रहा है और न ही शिक्षकों का. आलम यह है कि विद्यालय में अबतक के किये गये वित्तीय कार्य भी गायब हो गये हैं. इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है. इसको लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और छात्रों ने सोमवार को विद्यालय में हंगामा किया. आक्रोशित लोगों का कहना था कि बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है. आक्रोशित ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों का कहना था कि जब तक बिहार सरकार और शिक्षा विभाग इस विद्यालय का पुनः राजकीयकृत विद्यालय का दर्जा नहीं दे देता है, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा. सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए मांगें नहीं मानती है तो बीइओ, प्रखंड मुख्यालय और फिर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. शिक्षकों के हस्तक्षेप के बाद लोग शांत हुए. ग्रामीणों ने बताया कि पंद्रह सौ के आबादी वाले इस गाँव में अनु,जाति और अति पिछड़ा वर्ग के लोग रहते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि इस गाँव में स्कूल नही रहने के कारण हम गरीब के छोटे छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए दो किलोमीटर दूर भेजते थे. 2006 में तत्कालीन विद्यायक स्वर्गीय शशिकुमार राय के अनुशंसा पर शिक्षा विभाग की स्वीकृति के बाद प्राथमिक विद्यालय का उदघाटन तत्कालीन प्रमुख रंगीलाल महतो ने किया था. इस विद्यालय में एक प्रभारी प्राध्यापक के अलावे दो अन्य शिक्षक प्रतिनियुक्त किए गए. विद्यालय में करीब ढाई सौ छात्र छात्राएं नामांकित हैं सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था. अचानक शिक्षा विभाग 2018- 19 में कुचक्र रच कर विद्यालय के कोड को बंद कर गया है. जिस कारण उनके बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता दिख रहा है. इस संबंध में बीईओ डॉ मनोज कुमार ने बताया कि वे इस मामले से वरीय अधिकारियों को अवगत कराएंगे.

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