जून में 56% कम बारिश से धान की रोपनी प्रभावित, अब 5 जुलाई तक झमाझम बारिश का अलर्ट
Bihar Monsoon Update: जून में बारिश की भारी कमी से खेती प्रभावित रही, लेकिन अब मौसम विभाग ने 5 जुलाई तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इससे धान की रोपनी और खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है.
Bihar Monsoon Update: मुजफ्फरपुर में जून के दौरान सामान्य से 55.64% कम बारिश होने से किसान परेशान थे. हालांकि सोमवार रात हुई बारिश के बाद मौसम ने करवट ली है. मौसम विभाग ने 1 से 5 जुलाई तक अच्छी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे धान की रोपनी और खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है. बारिश के आंकड़े बताते हैं कि जून में जिले में सामान्य तौर पर 164.1 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार केवल 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. यानी सामान्य से 91.3 मिमी कम और करीब 55.64 प्रतिशत कम बारिश हुई. मानसून के देर से सक्रिय होने का सीधा असर खेती और जलस्रोतों पर देखने को मिला.
धान की रोपनी और खरीफ फसलों पर क्या असर पड़ा?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की नर्सरी तैयार करने और रोपनी का काम प्रभावित हुआ. कई किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ा, जबकि कई जगह खेतों में नमी की कमी के कारण रोपनी टालनी पड़ी. मक्का, दलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुआई भी तय रफ्तार से नहीं हो सकी. अब यदि जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेती का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा.
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जून में बारिश का हिसाब
- सामान्य बारिश: 164.1 मिमी
- वास्तविक बारिश: 72.8 मिमी
- कमी: 91.3 मिमी
- प्रतिशत कमी: 55.64%
कम बारिश से किसानों को क्या नुकसान हुआ?
- धान की रोपनी प्रभावित हुई.
- सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ा.
- कई खेतों में पर्याप्त नमी नहीं थी.
- मक्का और दलहन की बुआई भी प्रभावित हुई.
1 से 5 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?
- बारिश की संभावना
- गरज-चमक
- वज्रपात
- तेज हवा
- कुछ स्थानों पर भारी वर्षा
मौसम विभाग और डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के पूर्वानुमान के मुताबिक 1 से 5 जुलाई तक उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है. एक से तीन जुलाई के बीच कई स्थानों पर मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी वर्षा होने का भी अनुमान है. ऐसे में किसानों को मौसम को देखते हुए खेतों में काम करने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए जरूरी सलाह
- मौसम देखकर ही रोपनी करें.
- वज्रपात के दौरान खेत में काम न करें.
- जल निकासी की व्यवस्था रखें.
- स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें.
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