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पुलिस अधिकारी के बेटा का अपहरण कर बना देता है अपराधी नाटक का मंचन

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पुलिस अधिकारी के बेटा का अपहरण कर बना देता है अपराधी नाटक का मंचन

असरगंज महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार की रात श्री श्री 108 कपूरानाथ नाट्य कला परिषद कमरांय के युवा कलाकारों द्वारा पुलिस और मुजरिम नाटक का मंचन किया गया. जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीण रात भर जमे रहे. नाटक में एक कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार पुलिस अधिकारी एवं खूंखार अपराधी के बीच जंग को दिखाया जाता है. नाटक में यह दिखाने का प्रयास किया गया कि एक ईमानदार पुलिस अधिकारी अभयनाथ एवं खूंखार अपराधी बाबा सिंह के बीच जंग होती है. बाबा सिंह धोखे से अभयनाथ के मासूम बेटे बिरजू का अपहरण कर लेता है. जिससे अभयनाथ विचलित हो जाता है और पागलों की भांति वर्षों तक अपने बेटे की खोज में भटकता रहता है. बाद में उसे पता लगता है की बाबा सिंह ने उसके मासूम बेटे बिरजू से खूंखार अपराधी बाबा ठाकुर बना देता है. तब अभयनाथ डीआईजी जितेंद्र प्रसाद से मिलकर बाबा सिंह एवं बाबा के ठाकुर के गिरोह को समाप्त करने की योजना बनाते हैं. अपराधियों के आपसी वर्चस्व के मनमुटाव एवं प्रशासन की सक्रियता से बाबा जी एवं उसके गिरोह का साथी मर जाता है. अंत में जब ठाकुर को पता चलता है कि उसे धोखे से अपराधी बनाया गया है. तब एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर अभयनाथ का पुत्र है तो वह अपने दल सहित पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर लेता है और समाज को मुख्य धारा से जोड़ता है. नाटक में अभयनाथ की भूमिका साजन सिंह, बाबा सिंह की भूमिका मिट्ठू कुमार सिंह, डीआईजी की भूमिका रवि कुमार सिंह, बाबा ठाकुर की भूमिका सत्यम कुमार, मासूम बिरजू की भूमिका बाल कलाकार रोशन कुमार सिंह ने निभाई.

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