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Home बिहार मुंगेर सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर जर्जर यात्री शेड बना खतरा, कांवरियों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर जर्जर यात्री शेड बना खतरा, कांवरियों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

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सुल्तानगंज-देवघर मार्ग पर जर्जर यात्री शेड बना खतरा, कांवरियों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर बना जर्जर यात्री शेड बड़ी दुर्घटना को न्योता देता नजर आ रहा है.

Shravani Mela Alert: मुंगेर के असरगंज से हिमांशु कुमार सिंह की रिपोर्ट. सुल्तानगंज-देवघर मुख्य मार्ग पर मासूमगंज और कमराय के बीच बना यात्री शेड इन दिनों बदहाल स्थिति में है. वर्षों पहले यात्रियों और कांवरियों की सुविधा के लिए बनाया गया यह शेड अब खुद हादसे का कारण बन सकता है. तेज धूप से बचने के लिए राहगीर और ग्रामीण आज भी इसी शेड में बैठकर आराम करते हैं, लेकिन इसकी जर्जर हालत लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है.

दरकी दीवारें और टूटी छत बढ़ा रही डर

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यात्री शेड की छत और दोनों तरफ की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं. बैठने के लिए बनाया गया बेंच भी लगभग टूट चुका है. इसके बावजूद लोग मजबूरी में इसी शेड का इस्तेमाल कर रहे हैं.

गर्मी के दिनों में राहगीर धूप से बचने के लिए यहां रुकते हैं, जबकि ग्रामीण वाहन पकड़ने के इंतजार में घंटों इसी शेड के नीचे बैठे रहते हैं. लोगों का कहना है कि कभी भी यह जर्जर ढांचा गिर सकता है.

श्रावणी मेला से पहले बढ़ी चिंता

कुछ ही दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने वाला है. इस दौरान सुल्तानगंज से देवघर तक लाखों कांवरिये इसी मार्ग से गुजरते हैं. यात्रा के दौरान कांवरिये इस यात्री शेड में रुककर आराम करते हैं और कई श्रद्धालु यहां भोजन भी बनाते हैं.

ऐसे में जर्जर शेड को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी तो मेले के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है.

वर्षों से नहीं हुआ मरम्मत कार्य

ग्रामीणों ने बताया कि इस यात्री शेड का निर्माण पूर्व सांसद द्वारा वर्षों पहले कराया गया था, लेकिन इसके बाद कभी मरम्मत नहीं करायी गयी. धीरे-धीरे भवन पूरी तरह जर्जर हो गया, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई पहल नहीं की गयी है.

लोगों ने प्रशासन से श्रावणी मेला शुरू होने से पहले यात्री शेड की तत्काल मरम्मत कराने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.

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महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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