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Home बिहार मुंगेर राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद भी सीताकुंड माघी मेला की तैयारी आधी-अधूरी

राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद भी सीताकुंड माघी मेला की तैयारी आधी-अधूरी

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राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद भी सीताकुंड माघी मेला की तैयारी आधी-अधूरी

– जिलाधिकारी ने मेला मद में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से मांगे 62.50 लाख

मुंगेर

एक माह तक चलने वाली प्रसिद्ध सीताकुंड माघी मेला को राज्य सरकार ने गत वर्ष राजकीय मेला का दर्जा दे दिया. लेकिन मेला के लिए राशि आवंटन के अभाव में माघी मेला की तैयारी आधी-अधूरी है. इसी तैयारी के बीच जिला प्रशासन और सीताकुंड विकास समिति संयुक्त रूप से 31 जनवरी को मेला का उद्घाटन कार्यक्रम कर रही है. वैसे एक ओर जहां फर्नीचर की दुकान सजने लगी है, वहीं झुला व अन्य मनोरंजन की व्यवस्था मेला में किया गया है.

जुलाई 2025 को मिल चुका है राजकीय मेला का दर्जा

29 जुलाई 2025 को हुए मंत्रीपरिषद की बैठक में सीताकुंड माघी मेला को राजकीय मेला का दर्जा दिया गया था. जिसके तहत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिया गया था कि मुंगेर जिलान्तर्गत ऐतिहासिक एवं पौराणिक सीताकुंड मेला को बिहार राज्य मेला प्राधिकार के प्रबंधन के अंतर्गत सम्मलित किया जाय. इसे लेकर बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 4 अगस्त 2025 को एक अधिसूचना भी जारी किया. जिसमें कहा गया है कि बिहार राज्य मेला अधिनियम-2008 ( बिहार अधिनियम 20,2008 ) की धारा के प्रावधानों के तहत मुंगेर जिले के ऐतिहासिक एवं पौराणिक सीताकुंड मेला को बिहार राज्य मेला प्राधिकार के प्रबंधन के अंतर्गत सम्मलित किया जाता है.

जिलाधिकारी ने मेला मद में मांगा 62 लाख का आवंटन

सीताकुंड मेला के लिए 20 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी निखिल धनराज ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को पत्र लिख कर मेला मद में आंवटन मांगा. उन्होंने पत्र में कहा है कि सीताकुंड पौराणिक एवं ऐतिहासिक मेला के सफल आयोजन एवं मेले का उद्घाटन समारोह के आयोजन के अतिरिक्त आगंतुक श्रद्धालुओं के सुविधा एवं सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से विधि व्यवस्था के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सामग्रियों यथा टेंट, पंडाल, कंट्रोल रूम, लाइटिंग की व्यवस्था के साथ-साथ जेनरेटर, स्वच्छ पेयतल, अस्थायी शौचालय, सीसीटीवी कैमरा, विडियोग्राफी तोरण द्वार भीड़ नियंत्रण कराने के लिए पूर्व में 50 लाख रूपये आवंटन की मांग की गयी थी. लेकिन भवदीय के पत्रांक और दिनांक में संलग्न परिशिष्ट-2 के अनुरूप मद वार आवंटन की मांग नहीं की गयी थी. पत्र के अनुसार जिलाधिकारी ने आवंटन पत्र को संसोधित करते हुए विभाग से मद वार खर्च को दर्शाते हुए 62 लाख 50 हजार का आवंटन उपलब्ध कराने की मांग की है.

आधी-अधूरी तैयारियों के बीच उद्घाटन

आज

मुंगेर : राजकीय मेला के तहत इस बार आवंटन के अभाव में मेला की तैयारी नहीं हो पायी है. जिसके कारण आधी-अधूरी तैयारियों के बीच आज 31 जनवरी शनिवार को एक माह तक चलने वाली सीताकुंड माघी मेला का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया है. जिसका उद्घाटन प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा एवं जिलाधिकारी निखिल धनराज के हाथों किया जायेगा. मौके पर जिले के प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

स्कूल व ठाकुरबाड़ी में रहेंगे श्रद्धालु, दो तोरण द्धार में सिमटी व्यवस्था

मुंगे जिला प्रशासन की ओर से उद्घाटन समारोह के लिए एक मात्र पंडाल बनाया गया है. जिसका उपयोग उद्घाटन उपरांत नियंत्रण कक्ष संचालन और श्रद्धालुओं के लिए किया जायेगा. पंडाल के अभाव में सीताकुंड डीह और बरदह मिडिल स्कूल सहित एक ठाकुरबाड़ी का उपयोग दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए किया जायेगा. बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिले के प्रवेश मार्ग पर कहीं भी न तो तोरण द्वार बनाया जा रहा और न ही साइनेज लगाया जा सका. मात्र दो तोरण द्वार एक बरहद और दूसरा सीताकुंड डीह की तरफ लगाया गया है. रोशनी और सीसीटीवी अधिष्ठापन व दो से तीन ड्राप गेट की व्यवस्था प्रशानिक स्तर पर की गयी है. साथ ही दंडाधिकार के नेतृत्व में पुलिस पदाधिकारी व जवानों को तैनात किया गया. जबकि सीताकुंड विकास समिति की ओर से अन्य मेला की व्यवस्था की गयी है. इससे साफ परिलक्षित होता है कि सीताकुंड मेला को राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर समय पर मेला के लिए आवंटन नहीं मांगा गया. जिसके कारण मेला की तैयारी आधी-अधूरी रह गयी.

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