28 जनवरी से ही था बीमार, तीन फरवरी को पीएमसीएच में कराया गया था भर्ती
मुंगेर. आखिरकार जिंदगी की जंग में नक्सली बंदी बीडीओ कोड़ा उर्फ कारेलाल कोड़ा हार गया. चार फरवरी को इलाज के दौरान पीएमसीएच में उसने दम तोड़ दिया. वह मुंगेर मंडल कारा में जुलाई 2022 से बंद था. पटना में ही उसका पोस्टमार्टम कराया गया. बुधवार की देर रात उसका शव लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा गांव में पहुंचा, जहां परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. इधर परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया कि इलाज में विलंब के कारण उसकी मौत हो गयी.