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Home Rajya बिहार हरि सिंह महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी, 2800 छात्रों का भविष्य दांव पर, ट्यूशन के सहारे पढ़ाई

हरि सिंह महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी, 2800 छात्रों का भविष्य दांव पर, ट्यूशन के सहारे पढ़ाई

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हरि सिंह महाविद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी, 2800 छात्रों का भविष्य दांव पर, ट्यूशन के सहारे पढ़ाई
हरि सिंह महाविद्याल

हवेली खड़गपुर (मुंगेर) से रतन झा की रिपोर्ट

Munger College : मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित हरि सिंह महाविद्यालय में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण उच्च शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो गई है. करीब 2800 छात्र-छात्राओं वाले इस कॉलेज में कई महत्वपूर्ण विषयों में नियमित शिक्षक नहीं हैं. परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को कॉलेज फीस देने के बावजूद निजी कोचिंग और ट्यूशन का सहारा लेना पड़ रहा है.

शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही पढ़ाई

वर्ष 1960 में स्थापित हरि सिंह महाविद्यालय कभी बेहतर शिक्षा के लिए जाना जाता था. उस समय नियमित कक्षाएं, पुस्तकालय और प्रयोगशाला की सुविधाएं उपलब्ध थीं. लेकिन वर्तमान में अधिकांश विषय अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं. इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान सहित कई विषयों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं. मनोविज्ञान विभाग में तो प्रतिनियुक्ति के कारण फिलहाल कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं है.

बंद है लाइब्रेरी, नहीं हो पा रही प्रायोगिक पढ़ाई

Munger College : कॉलेज में लंबे समय से पुस्तकालयाध्यक्ष का पद खाली है, जिसके कारण लगभग एक दशक से लाइब्रेरी बंद पड़ी है. विज्ञान संकाय के छात्र प्रयोगशाला सहायक नहीं होने से प्रैक्टिकल कक्षाएं भी नियमित रूप से नहीं कर पा रहे हैं. इससे विद्यार्थियों का व्यावहारिक ज्ञान प्रभावित हो रहा है और उन्हें दूसरी जगहों पर जाकर पढ़ाई करनी पड़ रही है.

छात्रों ने बताई अपनी परेशानी

छात्रा अनिता कुमारी ने कहा कि कई विषयों में शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है. छात्रा कोमल कुमारी ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण प्रमाण पत्र, नामांकन और अन्य प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी होती है. विज्ञान के छात्र सौरव झा ने कहा कि प्रयोगशाला सहायक के अभाव में प्रैक्टिकल शिक्षा अधूरी रह जाती है. वहीं रिया कुमारी, पूजा कुमारी, मनीष कुमार, गौतम कुमार, दिव्यांशु, संजीत, मनीषा कुमारी और अंशु कुमारी सहित कई विद्यार्थियों ने रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग की है.

प्राचार्य ने विश्वविद्यालय को भेजा प्रस्ताव

महाविद्यालय के प्राचार्य देवेंद्र राम ने बताया कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की भारी कमी के कारण दैनिक मजदूरों से काम कराना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के रिक्त पदों की जानकारी विश्वविद्यालय को भेज दी गई है और जल्द नियुक्ति की मांग की गई है.

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