मोतिहारी से इंतेजारूल हक की रिपोर्ट
Motihari Yoga Camp: शहर के बनकट स्थित योग मित्र मंडल परिसर में आयोजित तीन दिवसीय योग एवं शरीर डिटॉक्स साधना शिविर में प्राकृतिक चिकित्सा (नेचरोपैथी) के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और निरोग रहने के तरीके बताए गए. शिविर में मिट्टी लेप, ऑयल पुलिंग, जल नेति, रबर नेति और अन्य प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का अभ्यास कराया गया. प्रतिभागियों ने बताया कि इन प्रक्रियाओं से उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से काफी राहत महसूस हुई.
योग गुरुओं ने बताया नेचरोपैथी का महत्व
योग गुरु वीरेंद्र कुमार, विश्वनाथ मूर्ति और लक्ष्मी कुमारी शंख मूर्ति के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में प्रतिभागियों को नेचरोपैथी के लाभों की जानकारी दी गई. योग गुरुओं ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा भारतीय सभ्यता और संस्कृति की प्राचीन पद्धति है, जिसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिलता है.
डिटॉक्स थेरेपी और योगाभ्यास बना आकर्षण
शिविर में ऑयल पुलिंग, जल नेति, रबर नेति, कुंजन क्रिया, एनिमा थेरेपी, भाप स्नान, मिट्टी लेप, हृदय स्नान तथा ठंडी पट्टी जैसी प्राकृतिक उपचार प्रक्रियाएं कराई गईं. साथ ही जड़ी-बूटियों से तैयार पेय पदार्थ और प्राकृतिक आहार के माध्यम से शरीर को डिटॉक्स करने की जानकारी दी गई. प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास भी किया.
40 से 75 वर्ष तक के लोगों ने लिया भाग
शिविर में 40 वर्ष से लेकर 75 वर्ष तक के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. प्रतिभागियों ने कहा कि चंपारण में पहली बार इतने कम शुल्क पर इस प्रकार का प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग शिविर आयोजित किया गया, जिससे आम लोगों को भी इसका लाभ मिल सका.
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील
समापन समारोह में योग मित्र मंडल के अध्यक्ष डॉ. शौभाकांत चौधरी ने योग गुरुओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर लोगों को प्राकृतिक और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही.
समारोह में शिक्षाविद उमेश सिंह, जगन्नाथ झा, आमोद कुमार झा, दिग्विजय नारायण सिंह, ई. भगवान प्रसाद, व्यवसायी सुधीर अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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