मोतिहारी से अमरेश वर्मा की रिपोर्ट
Matrimonial Scam: मैरिज ऐप पर हुई एक दोस्ती ने मधुबन के युवक को लाखों के कर्ज में डुबो दिया. खुद को सिंगापुर की सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताने वाली महिला ने पहले भरोसा जीता, फिर ऑनलाइन गेमिंग टास्क में निवेश का झांसा देकर 40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर ली.
पीड़ित ने मामले में मोतिहारी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच में जुट गई है.
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मैट्रिमोनियल ऐप से शुरू हुई बातचीत
पीड़ित भारत भूषण प्रसाद ने पुलिस को बताया कि उनकी पहचान संगम मैट्रिमोनियल ऐप पर राधिका चौधरी नाम की एक युवती से हुई थी.
दोनों के बीच व्हाट्सएप पर लगातार बातचीत होने लगी. युवती ने खुद को सिंगापुर की एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया और भारत आने पर मिलने का भरोसा भी दिलाया.
गेमिंग प्लेटफॉर्म में निवेश का दिया झांसा
कुछ दिन बाद युवती ने अपने कथित भारतीय सहयोगी की मदद करने के नाम पर एक ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा.
उसने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से अच्छा मुनाफा मिलेगा. शुरुआत में कम रकम निवेश कराई गई, जिससे पीड़ित का भरोसा बढ़ गया.
इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर लगातार बड़ी रकम जमा कराई जाती रही.
पैसा निकालने पहुंचे तो शुरू हुआ नया खेल
जब पीड़ित ने जमा राशि निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, सिक्योरिटी डिपॉजिट, कंपनी नियम और तकनीकी समस्या का हवाला देकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया.
शिकायत के अनुसार, ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी के अलावा बैंक लोन, मार्केट लोन और स्टॉक फंड तक लगा दिए.
बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक 16 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 40,00,919 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए गए.
कई राज्यों के खातों तक पहुंची जांच
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और बैंक में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद मोतिहारी साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई.
पीड़ित के आवेदन पर राधिका चौधरी, पंकज ठाकुर, गोकूल होटल, राजीव सिंह रालहन, शाह नूल अली, संत शरण, मुजावर इंटरप्राइजेज, एसएस इंटरप्राइजेज, एनएफ इंटरप्राइजेज और दानिश लियाकत शेख को आरोपी बनाया गया है.
शिकायत के अनुसार, रकम इन लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी. पुलिस अब इन खातों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जांच में सामने आया है कि संबंधित खाते नासिक, असम, महाराष्ट्र, गाजियाबाद, दिल्ली और गुजरात के विभिन्न बैंकों से जुड़े हैं.
साइबर थाना ने क्या कहा?
साइबर थाना के इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, वेबसाइट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों की पहचान में जुटी है. जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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