[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मधुबनी Madhubani News : निजी विद्यालय के शिक्षकों ने की बैठक

Madhubani News : निजी विद्यालय के शिक्षकों ने की बैठक

0
Madhubani News : निजी विद्यालय के शिक्षकों ने की बैठक

Madhubani News : मधुबनी. निजी विद्यालय के शिक्षकों की रविवार को बैठक हुई. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कहने के लिए तो सरकारी स्कूल में 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है, लेकिन 9वी और 10वीं कक्षा के बच्चों का नामांकन निबंधन और परीक्षा प्रपत्र भरने में अभिभावक जितने बहन करते हैं उससे कम राशि ही बच्चों को छात्रवृति पोशाक और साइकल योजना के तहत मिलती है. इस संबंध में व्यवस्था पर चोट करते हुए शिक्षक नेता एवं प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ब्रह्मदेव यादव ने कहा कि आठवीं तक के बच्चों को सरकार जरूर सभी सुविधा उपलब्ध कराती है. आठवीं तक के सरकारी विद्यालय में प्रति बच्चा पुस्तक, छात्रवृत्ति, पोशाक और एमडीएम के साथ ही शिक्षकों के वेतन का खर्च जोड़ा जाएगा तो उसी स्तर के निजी स्कूल से भी अधिक खर्च सरकारी स्कूल के बच्चों पर किया जाता है. उन्होंने कहा कि यह अलग बात है कि सरकारी विद्यालय सरकारी अनुदान से चलता है और निजी विद्यालय अभिभावक के शुल्क रूपी अनुदान से चलता है. सरकार जो सरकारी स्कूल को अनुदान देती है वह भी किसी न किसी रूप में आमजन की ही राशि है. श्री यादव ने सरकार से मांग किया है कि निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी पोशाक एवं छात्रवृति योजना का का लाभ मिलना चाहिए. मेघा सह आय छात्रवृति परीक्षा में निजी विद्यालय के बच्चों को भी शामिल किया जाना चाहिए. शिक्षा के अधिकार अधिनियम में 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग अलग व्यवस्था और व्याख्या नहीं है तो फिर सरकार निजी स्कूल के बच्चों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय में बच्चों को नियमित रूप से वर्ग संचालन के साथ ही प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन किया जाता है. बच्चों को पहले वर्ग से ही कंप्यूटर का शिक्षा दी जाती है. जो सरकारी स्कूल में नहीं हो रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel