मधुबनी से रमन कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Madhubani Road Accident: मधुबनी के सौराठ-मधुबनी मुख्य सड़क पर स्थित टुन्नी मिश्र टोल में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में यहां दर्जनभर से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. हालिया हादसे के बाद अब गांव में स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग तेज हो गई है.
ये भी पढ़ें: मुजफ्फरपुर की प्रगति राज ने लगातार दूसरी बार जीता सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक
एक और हादसे ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, 26 जून को टुन्नी मिश्र टोल निवासी 36 वर्षीय रौशन कुमार मिश्र की तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई.
इस घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया. लोगों का कहना है कि यह कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि इस सड़क पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं.
कई परिवारों ने खोए अपने सदस्य
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले गांव के शिवम झा, कुशेश्वर झा और बरैयाटोल के एक युवक की भी अलग-अलग सड़क हादसों में मौत हो चुकी है.
महादेव मंदिर के पास भी एक अनियंत्रित स्कूली वाहन की चपेट में आने से छोटकू झा की जान चली गई थी.
ग्रामीणों का कहना है कि हर छह महीने या एक साल के भीतर यहां कोई न कोई गंभीर दुर्घटना होती है. कई लोग स्थायी रूप से दिव्यांग भी हो चुके हैं.
सड़क जाम कर उठाई थी मांग
रौशन कुमार मिश्र की मौत के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन से स्पीड ब्रेकर बनाने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की थी.
मौके पर पहुंचे रहिका बीडीओ, डीटीओ और थाना प्रभारी के समक्ष भी ग्रामीणों ने इस स्थान को दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित कर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग रखी.
ग्रामीणों का कहना है कि सदर एसडीओ ने तीन दिन के भीतर पहल करने का आश्वासन दिया था, जबकि बीडीओ ने भी लिखित आश्वासन दिया था. इसके बाद सड़क जाम समाप्त किया गया.
आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि तय समय बीत जाने के बावजूद अब तक स्पीड ब्रेकर निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है.
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा सड़क जाम कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
अधिकारी ने क्या कहा?
इस संबंध में सदर एसडीओ चंदन कुमार झा ने बताया कि गांव में स्पीड ब्रेकर निर्माण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी.
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर है. साथ ही मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी.
ये भी पढ़ें: बिहार सरकार अब युवाओं को देगी 6 हजार रुपये, इंटर्नशिप करने का मिला सुनहरा मौका
