[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार मधुबनी Madhubani News: कचरे का डंपिंग ग्राउंड बना सदर अस्पताल, खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट

Madhubani News: कचरे का डंपिंग ग्राउंड बना सदर अस्पताल, खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट

0
Madhubani News: कचरे का डंपिंग ग्राउंड बना सदर अस्पताल, खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट
परिसर में फैला जैव अपशिष्ट

Madhubani News: एक ओर स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में बेहतर सुविधा और स्वच्छता का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला सदर अस्पताल परिसर खुद बीमारियों को दावत दे रहा है. अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण जीवन रक्षक मेडिकल वेस्ट (जैव अपशिष्ट) खुले में फेंका जा रहा है. आलम यह है कि लाखों की लागत से बना ‘केन्द्रीयकृत जैव अपशिष्ट संग्रहण कक्ष’ महज शोभा की वस्तु बनकर रह गया है और अस्पताल परिसर डंपिंग यार्ड में तब्दील हो गया है.

संग्रहण कक्ष को ठेंगा, संक्रमण का बढ़ा खतरा

सदर अस्पताल में मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए पीला, लाल, नीला और उजला कक्ष बनाया गया है. नियमों के अनुसार मानवीय अंग, दवाइयां, सिरिंज और कांच की वस्तुओं को अलग-अलग कमरों में रखना है. लेकिन हकीकत यह है कि इन कमरों के बाहर ही कचरे का ढेर लगा है. इसकी सड़ांध से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि जन्म-मृत्यु कार्यालय, डायलिसिस सेंटर और सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों को भी संक्रमण का डर सता रहा है.

लाखों का खर्च, फिर भी व्यवस्था बदहाल

साफ-सफाई और मेडिकल वेस्ट निस्तारण पर विभाग हर महीने लगभग ढाई लाख रुपये खर्च कर रहा है. इसके बावजूद इमरजेंसी, ओपीडी और एसएनसीयू से निकलने वाले सैकड़ों किलो कचरे को डायलिसिस सेंटर के पास खुले में डाल दिया जाता है. इसे छिपाने के लिए स्टील शीट का घेरा तो बनाया गया है, लेकिन उठने वाली दुर्गंध को रोकने में प्रबंधन विफल है. इस स्थिति से मरीज ही नहीं, बल्कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी संक्रमण के साये में काम करने को मजबूर हैं.

सीएस की चेतावनी का असर नहीं

इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने सोमवार को निरीक्षण के दौरान कड़ी नाराजगी जताई थी. उन्होंने कोताही बरतने वाले कर्मियों को निलंबित करने की हिदायत दी और अस्पताल प्रबंधन को सारा कचरा तत्काल संग्रहण कक्ष में रखने का निर्देश दिया. हालांकि, सीएस की इस चेतावनी का प्रबंधन पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है और लापरवाही बदस्तूर जारी है.

मधुंबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel