Madhubani Fish Farming: वैज्ञानिक तकनीक से मत्स्य पालन को बढ़ावा, जयंती रोहू और अमृत कतला से बढ़ेगी किसानों की आय
Madhubani Fish Farming: जिला में वैज्ञानिक तकनीक से मत्स्य पालन बढ़ावा देने के लिए 6 किसानों ने जयंती रोहू और अमृत कतला का उन्नत स्पॉन मंगवाया है. इससे कम समय में अधिक मछली उत्पादन होगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani Fish Farming: बिहार के मधुबनी जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने और मत्स्य पालकों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की गई है. जिले में अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक से मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी कड़ी में मत्स्य निदेशालय, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार, गेट्स फाउंडेशन समर्थित बिहार एक्वाकल्चर इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (BAIP) तथा प्रदान संस्था के संयुक्त प्रयास से एक विशेष कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. इसके तहत जिले के 6 प्रगतिशील मत्स्य किसानों ने निजी पूंजी निवेश कर जयंती रोहू और अमृत कतला का उन्नत स्पॉन मंगवाया है. यह उन्नत स्पॉन ICAR-CIFA के अधिकृत मल्टीप्लायर के माध्यम से सीधे किसानों को उपलब्ध कराया गया है.
जयंती रोहू और अमृत कतला से होगा बंपर उत्पादन
इस परियोजना में शामिल जयंती रोहू और अमृत कतला मछलियों की बेहद उन्नत और उच्च उत्पादन क्षमता वाली खास प्रजातियां हैं. इन्हें वैज्ञानिकों द्वारा विशेष चयन प्रजनन तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है. सामान्य मछलियों की तुलना में इन उन्नत प्रजातियों की शारीरिक वृद्धि दर बहुत तेजी से होती है. इसका सीधा फायदा यह होगा कि मत्स्य पालकों को बेहद कम समय में अधिक से अधिक उत्पादन मिलेगा, जिससे उनकी लागत घटेगी और बाजार में फसल बेचकर बेहतर आर्थिक मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा. इस तकनीक से जिले के मछली उत्पादन क्षेत्र को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है.
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने आधुनिक पद्धतियां अपनाने की अपील की
इस सफल शुरुआत पर जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि राज्य सरकार और मत्स्य विभाग का मुख्य ध्यान किसानों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने पर है. उन्होंने जिले के अन्य मत्स्य पालकों से भी अपील की है कि वे आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर मछली पालन को एक बड़े व्यवसाय के रूप में विकसित करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग किसानों को हर संभव तकनीकी मदद देने के लिए तैयार है. वहीं BAIP टीम के विवेक प्रियदर्शी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन्नत प्रजातियों का विस्तार कर स्थानीय किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है.
प्रदान संस्था दे रही तकनीकी मार्गदर्शन, किसानों में खुशी
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रदान संस्था के विशेषज्ञों द्वारा चयनित किसानों को लगातार तकनीकी सहयोग और वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है. समय-समय पर किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें. इस नई पहल से जुड़े मधुबनी के मत्स्य किसानों ने भारी प्रसन्नता व्यक्त की है. किसानों का मानना है कि इस उन्नत स्पॉन की मदद से उनके उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
ये भी पढ़ें: सैनिक कैंटीन और विश्राम गृह के लिए जमीन तलाश रहा प्रशासन, 7 जुलाई को होगी समीक्षा
