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Home बिहार मधुबनी मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए पानी जमा न होने दें: सीएस

मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए पानी जमा न होने दें: सीएस

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मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए पानी जमा न होने दें: सीएस

मधुबनी. सीएस डॉ. नरेश कुमार भीमसारिया ने डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया के नियंत्रण, एईएस, जेई, कालाजार एवं मिजिल्स रुबेला की रोकथाम व नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ ही जांच-इलाज का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के साथ ही सभी संबंधित विभाग को जागरूकता गतिविधि चलाने का निर्देश दिया है .उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के मामले बढ़ जाते हैं. मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए जरूरी है कि अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा न होने दें. शहरी स्थानीय निकाय व विकास एवं पंचायत राज विभाग फॉगिंग मशीनों को चालू हालत में रखें. मच्छरों के पनपने पर अंकुश लगाने के लिए सभी स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य व विकास एवं पंचायत विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें और योजनाबद्ध तरीके से स्लम एरिया व अन्य क्षेत्रों में बेहतर क्वालिटी की दवा का छिड़काव कराएं, ताकि मच्छर समाप्त हो. इसके लिए सभी विभाग अपनी फॉगिंग मशीनों की मरम्मत का काम कराकर तैयार रखें. मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण की जानकारी उपलब्ध कराएं. महादलित टोलो, ब्लॉक, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर सिविल सर्जन विभाग के कार्यों की समीक्षा करेंगे. जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवा, जांच, मशीन की उपलब्धता पर ध्यान रखें कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हो. चिकित्सक संस्थान में समय पर उपलब्ध रहें, क़्वालिटी में कमी न हो अन्यथा विभागीय कारवाई की जाएगी एइएस एवं जेई के कोई केस नही जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ डीएस सिंह ने सीएस को एईएस, डेंगू एवं वेक्टर जनित रोगों की पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिले में एईएस एवं जेई के केस नहीं आए हैं. इससे बचाव के लिए जिले में चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. सभी सरकारी अस्पतालों में एम्बुलेंस व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष डेंगू के 45 मरीज प्रतिवेदित हुए थे. सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड, अनुमंडलीय अस्पताल में 5 बेड, पीएचसी में 2 बेड बनाए गए है. उन्होंने कहा कि मलेरिया रोधी जागरूकता माह चल रहा है. जिले के सभी प्रखंडो में मलेरिया की जांच व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि कालाजार उन्मूलन की ओर तेजी से जिला बढ़ रहा है. वहीं वर्ष 2024 के मई माह तक जिले में मात्र 4 कालाजार के मरीज प्रतिवेदित हुए है. कालाजार प्रभावित प्रखंडों में सिंथेटिक पाराथराईड दवा की छिड़काव किया गया है. ताकि बालू मक्खियों का समूल नष्ट हो सके.

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