कुहासा व बादल के कारण बढ़ी कनकनी
पिछले दो दिनों से मौसम में हो रहे बदलाव व गुरुवार को छाये कुहासा एवं उमड़ते-घुमड़ते बादलों के कारण कनकनी बढ़ गई है.
बदलते मौसम में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे चिकित्सक
450 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन
ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर से मिली जानकारी अनुसार गुरुवार को 450 से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया. इसमें सर्दी, खांसी, बुखार, बीपी, स्ट्रोक सहित ज्वाइंट पेन से प्रभावित मरीजों की संख्या अधिक रहा. इसमें सबसे अधिक मेल मेडिकल ओपीडी में 140 से अधिक मरीजों का इलाज किया. इसमें सर्दी, खांसी, बुखार, स्ट्रोक, बीपी, डायबिटीज के मरीज शामिल रहे. इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार इलाज व परामर्श दिया जा रहा है. चिकित्सकों की माने तो ठंड के मौसम में मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है. ठंड के बाद मौसम में बदलाव के कारण लोगों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है.
दमा व बीपी के मरीज रखें अपना विशेष ख्याल
सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार की माने तो ठंड में दमा व ब्लड प्रेशर के मरीज अत्यधिक प्रभावित होते हैं. इसका मुख्य कारण सांस लेने वाले ग्रंथियों में सांस का अवरुद्ध होना है. ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर के मरीज का ब्लड प्रेशर अधिक हो जाता है. इसका मुख्य कारण नसों में सिकुड़न होता है. ऐसे में हार्ट अटैक के मरीज की संख्या में बढ़ोतरी का कारण हर्ट को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन का नहीं मिलना होता है. इस बीमारी से ग्रसित मरीजों को दवा का नियमित सेवन करना चाहिए. ऐसे लोग यदि सुबह की सैर करते हैं, तो उन्हें देर से सैर करना चाहिए. कोल्ड एक्सपोजर से भी ऐसे मरीज को बचना चाहिए. कोल्ड एक्सपोजर के कारण ब्लड प्रेशर के मरीज पैरालाइसिस के शिकार हो सकते हैं. सर्दी के मौसम में सबसे अधिक बचाव कोल्ड एक्स्पोज़र से करना है. इसके साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. साफ-सफाई का रखें ध्यान बदलते मौसम में नवजात शिशुओं को ठंड से बचाने पर ध्यान देना जरूरी है. इसके लिए शिशु की साफ-सफाई का विशेष रूप से खयाल रखें, क्योंकि साफ-सफाई किसी भी प्रकार के संक्रमण को रोकता है. नवजात की साफ सफाई समय-समय पर करते रहें. गीला हो जाने पर नैपकिन को बदलते रहें. अधिक देर तक नैपकिन के गीला रहने से उसे संक्रमण हो सकता है. सूती कपड़ों का इस्तेमाल शिशुओं की नाजुक त्वचा के लिए बेहतर है. शिशुओं को घर में भी किसी ऐसे खुले स्थान पर नहीं छोड़ें जहां अन्य लोग उपस्थित नहीं हों. अगर कोई व्यक्ति सर्दी-जुकाम से पीड़ित है, या बाहर से आ रहा हो तो शिशुओं को उनसे दूर रखें.