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फसल अलाभकारी होने के कारण हर साल 12 हजार किसान कर रहे आत्महत्या

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फसल अलाभकारी होने के कारण हर साल 12 हजार किसान कर रहे आत्महत्या

-बिहार राज्य किसान सभा का जिला सम्मेलन सम्पन्न- आलमनगर प्रखण्ड मुख्यालय स्थित पानी टंकी मैदान में बिहार राज्य किसान सभा का जिला सम्मेलन किसान सभा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह की अध्यक्षता एवं वरीय नेता रमन कुमार के संचालन में संपन्न हुआ. सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के प्रांतीय सह संयोजक प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार किसानों की नहीं कंपनियों की है. उन्होंने कहा कि सरकार की नई कृषि विपणन नीति तीन कृषि कानून से भी खतरनाक है. उन्होंने कहा कि हाल में पेश किए गए केंद्रीय बजट में किसानों और गरीबों के लिए कुछ नहीं है. किसान नेता प्रभाकर ने कहा कि विगत वर्ष तीन कृषि कानून के खिलाफ चले एक साल से अधिक दिनों तक किसान आंदोलन के बाद मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून को वापस तो ले लिया, लेकिन किसान नेताओं के साथ किए गए एग्रीमेंट को पूरा नहीं किया. आज किसानों को एमएसपी नहीं मिलता, आजादी के 77 वर्ष के बाद बाढ़ और सुखार का स्थाई निदान नहीं हुआ, किसानों का फसल लाभकारी नहीं अलाभकारी होता जा रहा है. इसलिए प्रतिवर्ष 12000 किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं. उन्होंने केंद्र और राज्य की सरकार की कृषि नीति के खिलाफ खेती और किसानी बचाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया. -कॉरपोरेट राज के खिलाफ होना होगा गोलबंद- सम्मेलन को संबोधित करते भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के गर्भ से निकली किसान सभा किसानों के हित में लगातार संघर्ष करती रही है. सम्मेलन को किसान नेता उमाकांत सिंह एवं श्याम सुंदर शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि कॉरपोरेट राज के खिलाफ किसानों को गोल बंद होना होगा. सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर यूरिया खाद के किल्लत को दूर करने, किसानों के ऋण माफ करने, एमएसपी को लागू करने, किसानों को 3000 मासिक पेंशन देने की मांग की गई. सम्मेलन में सर्वसम्मत से रामदेव सिंह संरक्षक, रमण कुमार जिलाध्यक्ष, दिगंबर झा, शैलेंद्र कुमार सुमन, वीरेंद्र मेहता जिला उपाध्यक्ष, मुकुंद प्रसाद यादव जिला सचिव, टूकेंद्र यादव एवं राजीव कुमार यादव जिला सहसचिव, जगत नारायण शर्मा कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए. सम्मेलन में डॉ प्रमोद कुमार सिंह, सागर चौधरी, राम जी मेहता, अंबिका मंडल, अरुण कुमार तांती, जयप्रकाश महतो, संजय कुमार, लड्डू शर्मा, उमेश यादव, लाल बहादुर चौधरी, उपेंद्र चौधरी, सुभाष गुप्ता, सच्चिदानंद शर्मा, संजय कुमार, अजीत शर्मा, मनोज राम, बिंदेश्वरी यादव, बाबूलाल मंडल, अमरिंदर सिंह व अन्य मौजूद थे.

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