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Home बिहार किशनगंज चार वर्षों से कीचड़ में तब्दील दुबड़ी नया टोला की सड़क, ग्रामीणों ने की शीघ्र पक्कीकरण की मांग

चार वर्षों से कीचड़ में तब्दील दुबड़ी नया टोला की सड़क, ग्रामीणों ने की शीघ्र पक्कीकरण की मांग

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चार वर्षों से कीचड़ में तब्दील दुबड़ी नया टोला की सड़क, ग्रामीणों ने की शीघ्र पक्कीकरण की मांग
कीचड़ में तब्दील दुबड़ी नया टोला की सड़क

किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट

Dubri Naya Tola Road: किशनगंज जिले के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली को लेकर जनता का आक्रोश बढ़ने लगा है. जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कालपीर पंचायत के बीबीगंज स्थित दुबड़ी नया टोला (वार्ड संख्या-13) से प्रशासनिक उपेक्षा की एक बड़ी खबर है. यहाँ की लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी मुख्य कच्ची सड़क पिछले चार वर्षों से पूरी तरह जर्जर होकर कीचड़ और भीषण जलजमाव का शिकार हो चुकी है. मानसून की शुरुआत होते ही यह सड़क पूरी तरह से जानलेवा दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों का अपने घरों से बाहर निकलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है.

स्कूली बच्चों और मरीजों की बढ़ी मुसीबत; दावों की खुली पोल

सड़क के कीचड़ में तब्दील होने से उत्पन्न स्थानीय समस्याओं के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित: सड़क की इस दुर्दशा के कारण स्थानीय लोगों को अपने दैनिक कार्यों, नजदीकी बाजार, अनाज मंडियों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.
  • हादसों का सबब बनी सड़क: राहगीरों और स्कूली बच्चों के इस दलदली रास्ते पर फिसलकर चोटिल होने की घटनाएं आम हो चुकी हैं. सबसे ज्यादा संकट आपातकालीन स्थिति में गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों को अस्पताल ले जाने में आ रहा है.
  • सरकारी दावों के विपरीत हकीकत: ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार हर 500 की आबादी वाले गांव को बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन टेढ़ागाछ प्रखंड की कई पंचायतों में जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है, जहां दर्जनों सड़कें आज भी विकास की बाट जोह रही हैं.

जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक गुहार, पर नतीजा शून्य

ग्रामीणों के अनुसार, वे इस समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले हैं.

कालपीर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अमित कुमार दास ने बताया कि इस महत्वपूर्ण सड़क के पक्कीकरण और निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्रीय सांसद, स्थानीय विधायक तथा जिला पदाधिकारी (DM) को पूर्व में भी कई बार लिखित आवेदन सौंपा जा चुका है. इसके बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी है. वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि यहाँ से दोपहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी किसी खतरे से खाली नहीं है.

Dubri Naya Tola Road: सोमवार को नए जिला पदाधिकारी को सौंपा जाएगा लिखित मांग पत्र

प्रशासनिक सुस्ती से तंग आकर अब पंचायत स्तर पर एक बार फिर नए सिरे से दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है.

मुखिया प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि सोमवार (06 जुलाई 2026) को किशनगंज के नवपदस्थापित जिला पदाधिकारी से मुलाकात की जाएगी. इस दौरान पंचायत की विभिन्न जनसमस्याओं की सूची के साथ, विशेष रूप से दुबड़ी नया टोला की इस बदहाल सड़क के स्थायी समाधान के लिए एक नया लिखित आवेदन पत्र सौंपा जाएगा. टोले के ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मानसून के बीच कम से कम तत्काल ईंट-सोलिंग या अस्थायी मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया, तो वे उग्र आंदोलन और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे.

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