पौआखाली(किशनगंज)से रणविजय की रिपोर्ट.
Doriya Bridge : किशनगंज में ठाकुरगंज प्रखंड के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को दिघलबैंक प्रखंड से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण बॉर्डर सड़क पर खतरे की घंटी बजने लगी है. डोरिया पुल के पूर्वी हिस्से का संपर्क पथ धंस जाने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है. सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बनने से हर दिन गुजरने वाले सैकड़ों लोगों और वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा मंडरा रहा है.
सीमावर्ती सड़क पर बढ़ा हादसे का खतरा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार हाल के दिनों में लगातार बारिश और मिट्टी के कटाव के कारण पुल के पूर्वी छोर का संपर्क पथ धीरे-धीरे धंसता चला गया. स्थिति अब इतनी गंभीर हो गई है कि पुल और सड़क के बीच गहरा कटाव बन गया है. यह सड़क सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, क्योंकि इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग, छोटे-बड़े वाहन और व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक किसी बड़े हादसे का नहीं होना राहत की बात है, लेकिन यदि जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है.
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मौके पर पहुंची पुलिस
संपर्क पथ क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद जियापोखर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए और राहगीरों से सावधानी के साथ आवागमन करने की अपील की.
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है. उनका कहना है कि केवल अस्थायी सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि स्थायी मरम्मत ही समस्या का समाधान कर सकती है.
Doriya Bridge: ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि डोरिया पुल के क्षतिग्रस्त संपर्क पथ की तत्काल मरम्मत कराई जाए. उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लगातार हो रही मिट्टी धंसने की समस्या के कारण यह संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो सकता है.
सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से इस महत्वपूर्ण सड़क की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है.
