अपराधियों से भिड़ी एसटीएफ, 22 राउंड फायरिंग के बाद एक को दबोचा

अपराधियों से भिड़ी एसटीएफ, 22 राउंड फायरिंग के बाद एक को दबोचा

By RAJKISHORE SINGH | January 22, 2026 10:30 PM

जलेबी पेड़ के पास बड़ी घटना की थी तैयारी, दो राइफल व कारतूस बरामद, कई बदमाश चकमा देकर फरार

मानसी. जिले के मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत नोनिया चौर बहियार में गुरुवार को एसटीएफ व अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई. वर्चस्व को लेकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए जुटे अपराधियों ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ को भी 22 राउंड गोलियां चलानी पड़ीं. इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने एक कुख्यात बदमाश को दो राइफल व जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार करने में सफलता पायी है.

घेराबंदी देख फायरिंग करने लगे अपराधी

एसपी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नोनहा गांव निवासी अमर यादव अपने साथियों के साथ नोनिया चौर के पास हथियार इकट्ठा कर किसी अप्रिय घटना की योजना बना रहा है. मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार और एसटीएफ की टीम ने जब संयुक्त रूप से छापेमारी की, तो अपराधियों ने पुलिस पर हमला बोल दिया. पुलिस की जवाबी कार्रवाई व भारी फायरिंग को देख कई अपराधी बहियार का लाभ उठाकर भाग निकले, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दिलेश्वर यादव (पिता- स्व. लुटन यादव) को धर दबोचा.

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

गिरफ्तार अपराधी के पास से पुलिस ने दो राइफल, चार जिंदा कारतूस, चार खोखा और दो मिसफायर कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस ने इस संबंध में कांड संख्या 17/26 दर्ज कर ली है. फरार बदमाशों की तलाश में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. इस कार्रवाई में एसआई लक्ष्मण कुमार, मुकेश कुमार दास सहित एसटीएफ के जवान शामिल थे.

जमीनी विवाद में होने वाली थी बड़ी वारदात

बताया जाता है कि नोनिया चौर बहियार में वर्चस्व को लेकर पिछले पांच वर्षों से विवाद चल रहा है. गुरुवार को भी खूनी संघर्ष की पूरी तैयारी थी. अपराधी अपने अन्य साथियों का इंतजार कर रहे थे, तभी विपक्षी समझकर उन्होंने एसटीएफ पर ही गोलीबारी शुरू कर दी. ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो यहां बड़ा नरसंहार हो सकता था.

फरकिया के चौर में अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना

फरकिया का यह दुर्गम इलाका अपराधियों के लिए सेफ जोन माना जाता है. वाहनों की पहुंच न होने और भौगोलिक विषमता के कारण अपराधी यहां डेरा डाले रहते हैं. इन चौर क्षेत्रों में अपराधियों की सक्रियता से स्थानीय किसान इस कदर डरे हुए हैं कि शाम ढलते ही अपने खेतों से घर लौट जाते हैं. पुलिस के लिए भी इन इलाकों में अपराधियों को पकड़ना बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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