मंडल कारा में विचाराधीन बंदी की मौत, परिजनों ने मारपीट का लगाया आरोप

खगड़िया मंडल कारा में आर्म्स एक्ट के एक विचाराधीन बंदी की रविवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई. जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक से मौत की बात कही है, जबकि परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.

By RAJKISHORE SINGH | July 5, 2026 9:21 PM
खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट

Khagaria News : स्थानीय मंडल कारा में आर्म्स एक्ट मामले में बंद विचारधीन कैदी की हार्ट अटैक के दौरान मौत हो गयी. घटना रविवार शाम की है. बताया जाता है कि मानसी थाना क्षेत्र के बुच्चा पंचायत के सिगरसामा गांव के वार्ड संख्या सात निवासी स्व. सेतु चौधरी के 55 वर्षीय पुत्र गंगो चौधरी की मंडल कारा में हार्ट अटैक के दौरान मौत हो गयी. बंदी गंगौ चौधरी की तबियत बिगड़ गयी थी. इलाज के लिए मंडल कारा अस्पताल में लाया गया था. इसी दौरान उनको हार्ट अटैक आ गया. मंडलकारा के स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज करने का प्रयास किया. लेकिन, बंदी की स्थिति देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने बंदी को मृत घोषित कर दिया. इधर, मंडल कारा के पदाधिकारियों ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को सूचना दी. परिजन के सदर अस्पताल पहुंचते ही चीख पुकार मच गया. मृतक के पुत्र अंगद चौधरी व उसके भाई श्याम सिंकदर चौधरी ने बताया कि मंडल कारा में उनके साथ मारपीट की गयी. मारपीट के दौरान गंगो चौधरी के चेहरे पर जख्म का निशान है. उन्होंने कहा कि अत्यधिक पिटाई से उनकी तबियत बिगड़ गयी. जिसके कारण उनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी. घटना के बाद मृतक की पत्नी,पुत्र व भाई की रो-रोकर बुरा हाल हो गया. घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

55 दिनों से मंडल कारा में बंद था आर्म्स एक्ट के आरोपित गंगो चौधरी

Khagaria News : बताया जाता है कि बीते 10 मई से सिगरसामा गांव निवासी गंगो चौधरी मंडलकारा में बंद था. बुच्चा पिकेट प्रभारी एसआई परमानंद कुमार के आवेदन पर कांड संख्या 122/26 दर्ज किया गया था. एसआई परमानंद ने मानसी थाना में आवेदन देकर आर्म्स एक्ट मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने आवेदन में बताया कि बीते 9 मई को सूचना मिली की सिगरसामा बहियार के पास थाना क्षेत्र के राजाजान गांव निवासी लक्ष्मण यादाव के पुत्र सिको यादव व सिगरसामा गांव निवासी स्व. सेमू चौधरी के पुत्र गांगो चौधरी बीच जमीनी विवाद को लेकर एक दूसरे के बीच मारपीट हो रहा है. इसकी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ पहुंचा.सिगरसामा बहियार के पास पहुंचने पर जमीन पर सिको यादव जख्मी हालत में जमीन पर पड़ा था. पुलिस आते देख मारपीट करने वाले दो व्यक्ति भागने लगा. जिसे साथ के बल के सहयोग से पकड़ लिया गया. जख्मी सिको यादव को ईलाज के लिए प्राथमिकी स्वास्थ्य केन्द्र मानसी भेजा गया. पकड़ाये व्यक्ति को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान स्व. किशुन चौधरी के पुत्र सुभाष चौधरी एवं स्व. सेमु चौधरी के पुत्र गांगो चौधरी बताया. पकड़ाए गए दोनों व्यक्ति के बदन तलाशी लेने पर उसके पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा गोली बरामद हुआ. बरामद हथियार एवं गोली के बारे जब गांगो चौधरी से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया गया कि हथियार एवं दो गोली सिमो यादव को फंसाने के उद्देश्य से लाये थे. जिसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार सुभाष चौधरी व गंगो चौधरी के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी.

5 बीघा जमीन को लेकर वर्षों से चल रहा था विवाद

गंगो चौधरी व सिको यादव के बीच पांच बीघा जमीन को लेकर विवाद वर्षों से चल रहा था. जिस जमीन पर दोनों व्यक्ति ने अपना-अपना दावा ठोक रहा था. सिरगसामा बहियार में खेती की पांच बीघा जमीन है. गंगो चौधरी के पुत्र ने बताया कि वर्षों से जमीन पर फसल उगाते आ रहे हैं. लेकिन अचानक सिको यावद जमीन पर अपना दावा करने लगा. इसी को लेकर बीते 9 मई को दोनों के बीच विवाद हो गया. विवाद के दौरान मारपीट हो गया. मारपीट में सिको यादव जख्मी हो गया. मृतक के पुत्र ने बताया कि मारपीट के बाद सुभाष यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जिसे देखने गंगो चौधरी थाना गया था. इसी दौरान पुलिस ने उसके आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार कर लिया.

झूठे केस में फंसाने के मामले में परिजनों ने एसपी से किया था शिकायत

मृतक के पुत्र ने बताया कि बुच्चा पिकेट के प्रभारी झूठे केस में गंगो चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. इसको लेकर पिकेट प्रभारी व थानाध्यक्ष के विरूद्ध एसपी से शिकायत की गयी था. बताया कि जिस व्यक्त सुभाष को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास हथियार व कारतूस नहीं था. उसे पकड़कर थाना ले गया. सुभाष को देखने गए गंगो चौधरी को भी पकड़ लिया. जिसके बाद पुलिस ने कट्टा व कारतूस के साथ पकड़ने का दावा किया. इसको लेकर एसपी से भी शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष के लोगों से मिलकर साजिश के तहत पिकेट प्रभारी ने गिरफ्तार किया है.

कहते हैं मंडलकारा अधीक्षक

मंडलकारा अधीक्षक राधेश्याम सुमन ने बताया कि विचारधीन बंदी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया. जहां ह्दय गति रूकने से बंदी की मौत हो गयी. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

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